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अस्पताल में समय से नहीं आते हैं चिकित्सक
Updated Mon, 09 Jul 2018 10:56 PM IST
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गाजीपुर। जिनके ऊपर सेवा का भार है वह ही अपनी ड्यूटी के प्रति सचेत नहीं है। धरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सक तय समय पर अस्पताल नहीं पहुंच रहे हैं। सोमवार की सुबह आठ बजे जिला अस्पताल में मरीज पहुंचना शुरू कर दिए थे। 8.10 बजे तक परिसर और ओपीडी की साफ-सफाई हो चुकी थी मरीजों की लाइन भी लग गई थी लेकिन चिकित्सक सीटों से नदारद थे।
सोमवार को सबसे पहले सीएमएस 8.30 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। इसके पांच मिनट बाद डा. नेसार अहमद अस्पताल पहुंचे। फिर एक के बाद एक चिकित्सकों के आने का सिलसिला शुरू हुआ। ज्यादातर चिकित्सक नौ बजे जिला अस्पताल पहुंचे और वार्डों में राउंड लेने के बाद करीब दस बजे ओपीडी में मरीजों को देखना शुरू किया। जबकि मरीज सुबह से पर्ची कटाकर चिकित्सकों के यहां लाइन में खड़े थे।
जिले में अचानक मौसम में हुए उतार-चढ़ाव के कारण मौसमी बीमारी में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। सीएचसी और पीएचसी में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही जिला अस्पताल में सुबह से दोपहर बाद तक ओपीडी में कतार लगी रह रही है। अस्पताल खुलने से पहले ही मरीज चिकित्सक कक्ष के सामने खड़े नजर आ रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल की व्यवस्थाएं भी गड़बड़ाने लगी हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही चिकित्सकों की संख्या घटी है। जिला अस्पताल में चिकित्सकों का कुल सृजित पद 26 है, लेकिन मौजूदा स्थिति में यहां 13 चिकित्सक ही कार्यरत हैं।
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यहां सर्जन से लेकर फिजीशियन तक नहीं है। अन्य कई रोगों के विशेषज्ञ तक नहीं है। ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए अन्यत्र भटकना पड़ता है। सोमवार को भी जिला अस्पताल खुलने के बाद सर्जरी के तीन मरीज जिला अस्पताल पहुंचे, जिन्हें कहीं अन्यत्र जाने की सलाह दी गई। सीएमएस ने कहा कि अस्पताल में चिकित्सकों का अभाव बना हुआ है। इसके लिए शासन तथा विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया है, लेकिन अभी तक किसी सर्जन की तैनाती नहीं हुई है। यही हाल हृदयरोग से लेकर अन्य रोग के मरीजों का रहा। यहां आने के बाद उन्हें वाराणसी तथा अन्य अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया गया।
सोमवार को सबसे पहले सीएमएस 8.30 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। इसके पांच मिनट बाद डा. नेसार अहमद अस्पताल पहुंचे। फिर एक के बाद एक चिकित्सकों के आने का सिलसिला शुरू हुआ। ज्यादातर चिकित्सक नौ बजे जिला अस्पताल पहुंचे और वार्डों में राउंड लेने के बाद करीब दस बजे ओपीडी में मरीजों को देखना शुरू किया। जबकि मरीज सुबह से पर्ची कटाकर चिकित्सकों के यहां लाइन में खड़े थे।
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जिले में अचानक मौसम में हुए उतार-चढ़ाव के कारण मौसमी बीमारी में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। सीएचसी और पीएचसी में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही जिला अस्पताल में सुबह से दोपहर बाद तक ओपीडी में कतार लगी रह रही है। अस्पताल खुलने से पहले ही मरीज चिकित्सक कक्ष के सामने खड़े नजर आ रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल की व्यवस्थाएं भी गड़बड़ाने लगी हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही चिकित्सकों की संख्या घटी है। जिला अस्पताल में चिकित्सकों का कुल सृजित पद 26 है, लेकिन मौजूदा स्थिति में यहां 13 चिकित्सक ही कार्यरत हैं।
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यहां सर्जन से लेकर फिजीशियन तक नहीं है। अन्य कई रोगों के विशेषज्ञ तक नहीं है। ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए अन्यत्र भटकना पड़ता है। सोमवार को भी जिला अस्पताल खुलने के बाद सर्जरी के तीन मरीज जिला अस्पताल पहुंचे, जिन्हें कहीं अन्यत्र जाने की सलाह दी गई। सीएमएस ने कहा कि अस्पताल में चिकित्सकों का अभाव बना हुआ है। इसके लिए शासन तथा विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया है, लेकिन अभी तक किसी सर्जन की तैनाती नहीं हुई है। यही हाल हृदयरोग से लेकर अन्य रोग के मरीजों का रहा। यहां आने के बाद उन्हें वाराणसी तथा अन्य अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया गया।