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गर्भवती माताओं की गोद भराई हुई
Updated Fri, 06 Jul 2018 10:48 PM IST
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सुहवल(गाजीपुर)। उतरौली गांव स्थित पंचायत भवन पर गुरुवार की शाम बचपन दिवस के मौके पर छह गर्भवती माताओं की गोद भराई, चार नौनिहालों का अन्न प्राशन एवं 28 गर्भवती, धात्री माताओं, नौनिहालों एवं युवतियों का वजन कराकर आयरन एवं फोलिक एसिड की गोलियों का वितरण किया गया। तीन से छह वर्ष तक के नौनिहालों को प्रिमिक्स लड्डू दिया गया।
इस अवसर पर सीडीपीओ माधुरी सिंह ने रोटा वायरस के लक्षण, उससे होने वाले नुकसान एवं बचाव का उपाय बताया। कहा कि बच्चों को रोटा वायरस का टीका जरूर लगवाना चाहिए। यह टीका बच्चे को रोटा वायरस के संक्रमण से बचाने में मदद करता है। इस वायरस के कारण बच्चों में दस्त होने की संभावना बढ़ जाती है। लगातार दस्त होने के कारण शिशु के शरीर में पानी की कमी हो जाती है और यह शिशु के लिए खतरनाक भी हो सकता है। बताया कि आमतौर पर रोटा वायरस का संक्रमण मुंह यानी किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। रोटावायरस वैक्सीन मुंह के द्वारा दिया जाने वाला एक टीका है। यह एक जीवित वायरस टीका होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करने का काम करता है। अगर बच्चे की उम्र छह सप्ताह से कम हो तब उनमें इस टीके को नहीं दिया जाना चाहिए। इसके अलावा अगर बच्चे को रोटावायरस का टीका लगवाया हो और उससे उन्हें एलर्जी की समस्या हुई हो तब टीका लगाने से पहले एक बार चिकित्सक की सलाह जरूर लेना चाहिए। इस मौके पर सुपरवाइजर कुमुद, आशा, मुन्नी, रंभा, शिवकुमारी, कुंती, पूनम लता, सुनीता आदि उपस्थित रहीं।
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इस अवसर पर सीडीपीओ माधुरी सिंह ने रोटा वायरस के लक्षण, उससे होने वाले नुकसान एवं बचाव का उपाय बताया। कहा कि बच्चों को रोटा वायरस का टीका जरूर लगवाना चाहिए। यह टीका बच्चे को रोटा वायरस के संक्रमण से बचाने में मदद करता है। इस वायरस के कारण बच्चों में दस्त होने की संभावना बढ़ जाती है। लगातार दस्त होने के कारण शिशु के शरीर में पानी की कमी हो जाती है और यह शिशु के लिए खतरनाक भी हो सकता है। बताया कि आमतौर पर रोटा वायरस का संक्रमण मुंह यानी किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। रोटावायरस वैक्सीन मुंह के द्वारा दिया जाने वाला एक टीका है। यह एक जीवित वायरस टीका होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करने का काम करता है। अगर बच्चे की उम्र छह सप्ताह से कम हो तब उनमें इस टीके को नहीं दिया जाना चाहिए। इसके अलावा अगर बच्चे को रोटावायरस का टीका लगवाया हो और उससे उन्हें एलर्जी की समस्या हुई हो तब टीका लगाने से पहले एक बार चिकित्सक की सलाह जरूर लेना चाहिए। इस मौके पर सुपरवाइजर कुमुद, आशा, मुन्नी, रंभा, शिवकुमारी, कुंती, पूनम लता, सुनीता आदि उपस्थित रहीं।
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