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जिला अस्पताल में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी
Updated Thu, 05 Jul 2018 11:04 PM IST
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गाजीपुर। बदलते मौसम के कारण जिला अस्पताल में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ने लगी है। गर्मी से पहले मरीजों की संख्या प्रतिदिन 50 से 70 के बीच थी, लेकिन अब यह बढ़ कर 150 से 200 तक पहुंच गई है। आलम यह है कि सुबह से ही ओपीडी मरीजों से पट जा रहा है। चिकित्सक लाख प्रयास के बाद भी मरीजों को इत्मीनान से नहीं देख पा रहे हैं। आनन-फानन में कागजी कोरम पूरा किया जा रहा है।
मौसम परिवर्तन के साथ बारिश में भीगने, कभी ठंडी तो कभी गर्म हवा से तापमान परिवर्तन होने तथा नींद पूरी न होने के कारण भी स्वास्थ्य ठीक नहीं रह रहा है। निरंतर तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। सबसे अधिक मरीज उल्टी-दस्त, पीलिया, हल्का बुखार, हाथ-पैर में दर्द और सिर में दर्द, वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और बच्चों में खासकर निमोनिया आदि से लोग पीड़ित होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। आंखों की बीमारी भी देखने को मिल रही है। खाज-खुजली ने भी परेशान कर रखा है।
बीमारियों से बचने के लिए आपातकालीन मेडिकल अफसर डा. इमरान ने बताया कि बरसात के मौसम में बीमार होने का मुख्य कारण गंदगी फैलना, दूषित भोजन करना, नींद का पूरा न होना है। जगह -जगह बरसात का पानी लगने और मच्छरों के काटने से तथा गीले कपड़े पहनने से भी बीमारियां बढ़ती हैं। गर्मी में कम भोजन करें। पहले दोनों हाथों को अच्छी तरह से धो लें। बरसात के बाद तेज धूप होने से बाहर न निकले और निकले भी तो शरीर को पूरी तरह से कपड़ों से ढंक लें। इन सभी कारणों से छोटी से लेकर बड़ी बीमारी तक हो सकती है। खासकर वायरल फीवर, डायरिया, मलेरिया, पीलिया, चिकनगुनिया, डेंगू से बचने के लिए एहतियात जरूरी है।
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मौसम परिवर्तन के साथ बारिश में भीगने, कभी ठंडी तो कभी गर्म हवा से तापमान परिवर्तन होने तथा नींद पूरी न होने के कारण भी स्वास्थ्य ठीक नहीं रह रहा है। निरंतर तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। सबसे अधिक मरीज उल्टी-दस्त, पीलिया, हल्का बुखार, हाथ-पैर में दर्द और सिर में दर्द, वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और बच्चों में खासकर निमोनिया आदि से लोग पीड़ित होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। आंखों की बीमारी भी देखने को मिल रही है। खाज-खुजली ने भी परेशान कर रखा है।
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बीमारियों से बचने के लिए आपातकालीन मेडिकल अफसर डा. इमरान ने बताया कि बरसात के मौसम में बीमार होने का मुख्य कारण गंदगी फैलना, दूषित भोजन करना, नींद का पूरा न होना है। जगह -जगह बरसात का पानी लगने और मच्छरों के काटने से तथा गीले कपड़े पहनने से भी बीमारियां बढ़ती हैं। गर्मी में कम भोजन करें। पहले दोनों हाथों को अच्छी तरह से धो लें। बरसात के बाद तेज धूप होने से बाहर न निकले और निकले भी तो शरीर को पूरी तरह से कपड़ों से ढंक लें। इन सभी कारणों से छोटी से लेकर बड़ी बीमारी तक हो सकती है। खासकर वायरल फीवर, डायरिया, मलेरिया, पीलिया, चिकनगुनिया, डेंगू से बचने के लिए एहतियात जरूरी है।
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