{"_id":"5b0c3d8d4f1c1bf76e8b507e","slug":"161527528845-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शोषण के विरूद्ध सफाई कर्मी सात को देंगे धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शोषण के विरूद्ध सफाई कर्मी सात को देंगे धरना
Updated Mon, 28 May 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। सफाईकर्मी वेलफेयर सोसाइटी संघ की बैठक सोमवार को बड़ा महादेवा स्थित कैंप कार्यालय पर जिलाध्यक्ष अश्वनी कुमार राय की अध्यक्षता में हुई। इसमें शोषण के विरुद्ध सात जून को आयोजित होने वाले धरने की रणनीति पर चर्चा की गई।
जिला मंत्री संजय दूबे ने बताया कि करीब 20 प्रतिशत सफाई कर्मी ब्लाक से जिला स्तर तक अधिकारी एवं लिपिकों के सहयोग कार्य एवं पांच प्रतिशत अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के घर की सेवा के लिए संबद्ध किया गया है। शेष कर्मचारियों द्वारा ग्राम पंचायत के साथ, संबद्ध कर्मियों को ग्राम पंचायतों की साफ-सफाई कार्य करना पड़ता है। साथ ही सीएलटीएस का कार्य भी करना पड़ता है। ऐसे में शासन की मंशा के अनुरूप स्वच्छ भारत मिशन का कार्य अधूरा रह जाता है। जिला कोषाध्यक्ष गजेंद्र बिंद ने बताया कि ग्राम पंचायतों को स्वच्छ एवं साफ-सुथरा रखने के लिए शासन से सफाई उपकरण के लिए प्रति कर्मचारी प्रति माह लगभग दो हजार रुपये पारित की गई है। लेकिन कोई उपकरण न देकर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी पैसा आपस में बंदरबांट कर लेते हैं। ऐसे में स्वच्छ भारत मिशन मात्र कागज में सिमट कर रह जाता है। जिलाध्यक्ष ने शासनादेश की धज्जियां उड़ाने वाले विभागाध्यक्ष की घोर निंदा करते हुए सात जून को विकास भवन के परिसर में धरना देने और सीएम को संबोधित 15 सूत्री मांग पत्र डीएम को सौंपने की बात कही। इस मौके पर राम प्रकाश गुप्ता, शैलेंद्र कुशवाहा, जयराम राम, राधेश्याम, संतोष कुमार गुप्ता, दुलारी, राम दुलारे, सरोज कुशवाहा, वकील राम, विजेंद्र यादव, जवाहिर राम, काशीनाथ, नंदलाल, लालबहादुर आदि मौजूद रहे। संचालन संजय दूबे ने किया।
विज्ञापन
जिला मंत्री संजय दूबे ने बताया कि करीब 20 प्रतिशत सफाई कर्मी ब्लाक से जिला स्तर तक अधिकारी एवं लिपिकों के सहयोग कार्य एवं पांच प्रतिशत अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के घर की सेवा के लिए संबद्ध किया गया है। शेष कर्मचारियों द्वारा ग्राम पंचायत के साथ, संबद्ध कर्मियों को ग्राम पंचायतों की साफ-सफाई कार्य करना पड़ता है। साथ ही सीएलटीएस का कार्य भी करना पड़ता है। ऐसे में शासन की मंशा के अनुरूप स्वच्छ भारत मिशन का कार्य अधूरा रह जाता है। जिला कोषाध्यक्ष गजेंद्र बिंद ने बताया कि ग्राम पंचायतों को स्वच्छ एवं साफ-सुथरा रखने के लिए शासन से सफाई उपकरण के लिए प्रति कर्मचारी प्रति माह लगभग दो हजार रुपये पारित की गई है। लेकिन कोई उपकरण न देकर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी पैसा आपस में बंदरबांट कर लेते हैं। ऐसे में स्वच्छ भारत मिशन मात्र कागज में सिमट कर रह जाता है। जिलाध्यक्ष ने शासनादेश की धज्जियां उड़ाने वाले विभागाध्यक्ष की घोर निंदा करते हुए सात जून को विकास भवन के परिसर में धरना देने और सीएम को संबोधित 15 सूत्री मांग पत्र डीएम को सौंपने की बात कही। इस मौके पर राम प्रकाश गुप्ता, शैलेंद्र कुशवाहा, जयराम राम, राधेश्याम, संतोष कुमार गुप्ता, दुलारी, राम दुलारे, सरोज कुशवाहा, वकील राम, विजेंद्र यादव, जवाहिर राम, काशीनाथ, नंदलाल, लालबहादुर आदि मौजूद रहे। संचालन संजय दूबे ने किया।
विज्ञापन