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सीजेएम, डीएम और एसपी सिटी जिला जेल का निरीक्षण
Updated Mon, 18 Dec 2017 11:01 PM IST
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गाजीपुर। विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव तथा सीजेएम सत्यजीत पाठक, डीएम के बालाजी और एसपी सिटी प्रदीप दूबे ने सोमवार को जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बंदियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। जेल में बंदियों की समस्याओं का तत्काल निस्तारण भी किया गया। अन्य समस्याओं का भी जल्द निस्तारण करने का आश्वासन दिया। निरीक्षण के दौरान जेल परिसर में स्थापित आरओ प्लांट एवं वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम की जानकारी देते हुए जेलर ने बताया कि इन दो नयी सुविधाओं से एक ओर जहां बंदियों को शु़द्ध जल प्राप्त हो रहा है, वहीं दूसरी ओर विचारधीन बंदियों की उपस्थिति न्यायालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है।
सीजेएम ने जिला कारागार में स्थित अस्पताल का भी निरीक्षण किया तथा बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्या जानी। साथ ही जेल में विचाराधीन बंदियों के लिए लोक अदालत का भी आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में कुल 13 विचाराधीन बंदियों के करीब 25 मामले थे। जिनमें से नौ विचाराधीन बंदियों के कुल 17 मामले स्वीकृति के आधार पर अंतिम रूप से निस्तारित कर दिए गए। दो विचाराधीन बंदियों के मामले सत्र न्यायालय भेजने के साथ शीघ्र ही निस्तारित करने का आश्वासन दिया गया। निरीक्षण के दौरान सचिव एवं सिविल जज संजय सिंह द्वारा दोष सिद्ध पैराविधिक स्वयं सेवकों से वार्ता कर उनका परिचय लिया गया। सिविल जज द्वारा विचाराधीन बंदियों की समस्याओं को लेखबद्ध करते हुए उन्हें अति शीघ्र निस्तारित करने का आश्वासन दिया गया। आला अफसरों के जिला कारागार में पहुंचने से लेकर निकलने तक अफरा-तफरी का माहौल कायम था। अधिकारियों ने बताया कि यह रूटिन निरीक्षण था। वर्तमान में ठंड के मौसम में जेल के अंदर बंदियों की समस्याएं और खान-पान से लेकर कंबल आदि की व्यवस्था का जायजा लिया। इस मौके पर डीएम के बालाजी, एसपी सिटी प्रदीप दूबे, सीओ हृदयानंद सिंह आदि मौजूद रहे।
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सीजेएम ने जिला कारागार में स्थित अस्पताल का भी निरीक्षण किया तथा बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्या जानी। साथ ही जेल में विचाराधीन बंदियों के लिए लोक अदालत का भी आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में कुल 13 विचाराधीन बंदियों के करीब 25 मामले थे। जिनमें से नौ विचाराधीन बंदियों के कुल 17 मामले स्वीकृति के आधार पर अंतिम रूप से निस्तारित कर दिए गए। दो विचाराधीन बंदियों के मामले सत्र न्यायालय भेजने के साथ शीघ्र ही निस्तारित करने का आश्वासन दिया गया। निरीक्षण के दौरान सचिव एवं सिविल जज संजय सिंह द्वारा दोष सिद्ध पैराविधिक स्वयं सेवकों से वार्ता कर उनका परिचय लिया गया। सिविल जज द्वारा विचाराधीन बंदियों की समस्याओं को लेखबद्ध करते हुए उन्हें अति शीघ्र निस्तारित करने का आश्वासन दिया गया। आला अफसरों के जिला कारागार में पहुंचने से लेकर निकलने तक अफरा-तफरी का माहौल कायम था। अधिकारियों ने बताया कि यह रूटिन निरीक्षण था। वर्तमान में ठंड के मौसम में जेल के अंदर बंदियों की समस्याएं और खान-पान से लेकर कंबल आदि की व्यवस्था का जायजा लिया। इस मौके पर डीएम के बालाजी, एसपी सिटी प्रदीप दूबे, सीओ हृदयानंद सिंह आदि मौजूद रहे।
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