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घंटों रुके रहे वाहनों के पहिए
Updated Mon, 19 Jun 2017 11:07 PM IST
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गाजीपुर। लहुरी काशी में जाम लगना कोई नयी बात नहीं है। आएदिन किसी न किसी मार्ग पर वाहनों के पहिए रुक जाते हैं और लोगों को घंटों जाम खुलने का इंतजार करना पड़ता है। सोमवार को नजारा कुछ अलग ही था। गाजीपुर-हाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जिले की लगभग सभी प्रमुख मार्गों पर जाम लगा हुआ था। वाहनों के पहिए घंटों रुके रहे। भीषण गर्मी में लोग परेशान थे। शहर के लाल दरवाजा, महुआबाग, विशेश्वरगंज, लंका के साथ ही अन्य मार्ग पर लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ा। जाम की जकड़न का हाल यह था कि वाहनों की कौन कहे, पैदल चलने वालों को भी एक कदम बढ़ने में सोचना पड़ रहा था। किसी मार्ग पर पांच तो किसी पर लोगों को ढाई घंटे तक जाम में जद्दोजहद करनी पड़ी।
नगर में सोमवार के दिन को लोग जाम-डे के नाम से पुकारने लगे हैं। इस दिन शहर के विभिन्न मार्गों पर जाम लगना तय माना जाता है। सोमवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। गाजीपुर-वाराणसी मार्ग अंतर्गत लंका पर सुबह सात बजे से जाम का झाम शुरू हो गया। कुछ ही देर में कई किलोमीटर तक ट्रकों की लाइन लग गई। 12 बजे जाम समाप्त होने पर लोगों ने राहत की सास ली। सुबह साढ़े नौ बजे शहर के लाल दरवाजा में जाम की समस्या उत्पन्न हो गई। कुछ ही देर में सुहासिनी टाकिज से लेकर जिला अस्पताल तक लंबा जाम लग गया। आलम यह हो गया कि वाहनों की कौन कहे, पैदल निकल पाना भी लोगों के लिए संभव नहीं हो पा रहा था। आगे-पीछे निकलने को लेकर जहां लोगों में किचकिच होती रही, वहीं महिलाएं और युवतियां धक्का-मुक्की के बीच के बीच जाम में फंसा रही। साढ़े 11 बजे तक आवागमन सुचारु होने पर लोगों ने राहत की सास ली। इसी बीच दिन में 11 बजे महुआबाग में वाहनों के पहिए थमने लगे। कुछ ही देर में मुख्य डाकघर से लेकर मिश्रबाजार तिराहा तक जाम लग गया। इस मार्ग के जाम की वजह से महुआबाग से सलेनाबाद और विशेश्वरगंज जाने वाली सड़क भी जाम की जद में आ गया। महुआबाग चौराहा जाम की जद में आने से लोगों को किसी मार्ग पर निकलना संभव नहीं हो पा रहा था। जाम में दर्जनों चारहिया वाहन सहित रिक्शा, साइकिल, बाइक सवारों के साथ सैकड़ों पैदल आवागमन करने वाले तेज धूप में पसीना बहाते हुए आवागमन सुचारु होने का इंतजार करते रहे। करीब ढाई घंटे बाद जाम का झाम समाप्त होने पर लोगों ने राहत की सास ली।
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नगर में सोमवार के दिन को लोग जाम-डे के नाम से पुकारने लगे हैं। इस दिन शहर के विभिन्न मार्गों पर जाम लगना तय माना जाता है। सोमवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। गाजीपुर-वाराणसी मार्ग अंतर्गत लंका पर सुबह सात बजे से जाम का झाम शुरू हो गया। कुछ ही देर में कई किलोमीटर तक ट्रकों की लाइन लग गई। 12 बजे जाम समाप्त होने पर लोगों ने राहत की सास ली। सुबह साढ़े नौ बजे शहर के लाल दरवाजा में जाम की समस्या उत्पन्न हो गई। कुछ ही देर में सुहासिनी टाकिज से लेकर जिला अस्पताल तक लंबा जाम लग गया। आलम यह हो गया कि वाहनों की कौन कहे, पैदल निकल पाना भी लोगों के लिए संभव नहीं हो पा रहा था। आगे-पीछे निकलने को लेकर जहां लोगों में किचकिच होती रही, वहीं महिलाएं और युवतियां धक्का-मुक्की के बीच के बीच जाम में फंसा रही। साढ़े 11 बजे तक आवागमन सुचारु होने पर लोगों ने राहत की सास ली। इसी बीच दिन में 11 बजे महुआबाग में वाहनों के पहिए थमने लगे। कुछ ही देर में मुख्य डाकघर से लेकर मिश्रबाजार तिराहा तक जाम लग गया। इस मार्ग के जाम की वजह से महुआबाग से सलेनाबाद और विशेश्वरगंज जाने वाली सड़क भी जाम की जद में आ गया। महुआबाग चौराहा जाम की जद में आने से लोगों को किसी मार्ग पर निकलना संभव नहीं हो पा रहा था। जाम में दर्जनों चारहिया वाहन सहित रिक्शा, साइकिल, बाइक सवारों के साथ सैकड़ों पैदल आवागमन करने वाले तेज धूप में पसीना बहाते हुए आवागमन सुचारु होने का इंतजार करते रहे। करीब ढाई घंटे बाद जाम का झाम समाप्त होने पर लोगों ने राहत की सास ली।
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