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बारिश से ध्वस्त हुई जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था

Sun, 23 Jun 2019 12:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jun 2019 12:24 AM IST
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बारिश से ध्वस्त हुई जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था
गाजीपुर। शुक्रवार की आधी रात के बाद बारिश होने पर जिले की आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। बिजली के अभाव में एक तरफ जहां लोगों को तरह-तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, सुबह पानी के लिए हाहाकार मचा रहा। परेशान हाल लोग बिजली विभाग को कोसते रहे।
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शुक्रवार की आधी रात के बाद करीब तीन बजे जैसे ही बारिश हुई, वैसे ही नगर के साथ ही तमाम ग्रामीण क्षेत्रों की बत्ती गुल हो गई। नगर के लालदरवाजा, मिश्रबाजार, पचरस्सा, झुन्नूलाल का चौराहा, महाजन टोली, ददरी घाट, सकलेनाबाद, आमघाट कालोनी, महुआबाग, लंका, सिटी स्टेशन, बड़ीबाग, लंका चूंगी सहित अन्य मुहल्ले अंधेरे में डूब गए। आलम यह था कि दूसरे दिन शनिवार की शाम चार बजे तक कभी 10 से 20 सेकेंड तो कभी पांच मिनट दर्शन देकर बिजली के आने और जाने का क्रम बना रहा। सुबह पानी के लिए लोगों को परेशान होना पड़ा। जिन्होंने टंकी आदि में पानी स्टोर किया था, उन लोगों ने तो किसी तरह काम चला लिया, लेकिन जिनके पास यह सुविधा नहीं थी, उन्हें पानी के लिए भटकना पड़ा। घरों के आसपास मौजूद हैंडपंपों एवं कुओं से उन्होंने किसी तरह दो-चार बाल्टी पानी की व्यवस्था की। बावजूद इसके, उनकी जरूरत पूरी नहीं हो पाई। नगर एसडीओ शिवम राय ने बताया कि बारिश की वजह से जगह-जगह फाल्ट होने से आपूर्ति बाधित रही। बारिश से काम करने में भी दिक्कत आ रही है। जल्द से जल्द सभी फीडरों की आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है। उधर, दुल्लहपुर, सादात, देवकली, सेवराई, सुहवल, रेवतीपुर, करंडा, भांवरकोल, भीमापार, जखनिया, जंगीपुर, बिरनो, जमानिया, खानपुर, सैदपुर, औड़िहार में भी बारिश से परेशानी हुई।
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दिलदारनगर/नंदगंज। शुक्रवार की करीब 11 बजे तकनीकी खराबी के कारण दिलदारनगर, रकसहा, फरीदपुर, उसिया, अरंगी, खजूरी, पचोखर, बहुआरा, कुसी, मिर्चा, जबुरना, सिहानी, चित्रकोनी, ताजपुर कुर्रा आदि गांवों बत्ती गुल हो गई। 17 घंटा बाद दूसरे दिन शनिवार की शाम चार बजे तक भी बिजली का दर्शन नहीं हो सका था। इससे लोग परेशान रहे। चार्ज न होने से जहां अधिकांश लोगों के मोबाइल शोपीस बन गए, लोगों के इनवर्टर भी बंद हो गए। इस संबंध में जेई तापस कुमार ने बताया कि शुक्रवार की रात हुई तेज बारिश के दौरान सारनाथ विद्युत केंद्र में आई तकनीकी खराबी की वजह से आपूर्ति ठप हो गई। लगातार बारिश हो रही है, जिससे मरम्मत कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। फिर भी कोशिश जारी है कि फाल्ट को दुरुस्त कर जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। उधर, बारिश के दौरान ताम रात में तीन बजे 33 हजार की मेन तार खराब आने से नंदगंज विद्युत उपकेंद्र से संबंधित फीडरों की आपूर्ति प्रभावित हो गई। बाजार सहित 60 गांव में अंधेरे में डूब गए। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई। 12 घंटा बाद बिजली का दर्शन होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। एसडीओ अमित कुमार ने बताया कि जौहरगंज से आने वाली 33 हजार की मेन सप्लाई बरसात के कारण बाधित हो गई। उसे दुरुस्त कर शनिवार की शाम तीन बजे आपूर्ति बहाल करा दी गई।
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कासिमाबाद। शुक्रवार की रात हुई बारिश से स्थानीय 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र में बरसात का पानी भर गया। इससे रात तीन बजे से करीब सौ गांव की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। 13 घंटा बाद दूसरे दिन शनिवार को चार बजे तक बिजली का दर्शन नहीं हो सका था। इससे लोग परेशान रहे। बिजली के अभाव में जहां लोग तरह से दिक्कतों से परेशान रहे, वहीं पानी के लिए दिक्कत में रहे। विद्युत उपकेंद्र पर काम करने वाले कर्मचारियों की मानें तो परिसर के अंदर नए उप केंद्र का भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। उस भवन में आने-जाने के लिए मुख्य मार्ग पर मिट्टी डालकर सड़क बनाई जा रही है। सड़क बनाने के चलते परिसर दो भागों में बट गया है। यही कारण है कि एक भाग पूरी तरह से पानी में डूबकर लबालब भर गया है, जिसके चलते विद्युत उपकेंद्र को चालू करना खतरे से कम नहीं है। जेई प्रेमचंद्र ने बताया कि सड़क निर्माण के समय संबंधित ठेकेदार को पुलिया डालने के लिए कहा गया था। पुलिया नहीं पड़ने से उपकेंद्र में पानी घुस गया है। शीघ्र ही पानी को निकलवाकर आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।




कासिमाबाद। 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र में नए भवन और नई मशीनों के लिए काम चल रहा है। बताया जाता है कि नए भवन का निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण उसमें लगने वाली मशीनें, जिसकी कीमत लाखों में है, लापरवाही के चलते बाहर फेंकी हुई हैं। बरसात होने से मशीनें पूरी तरह से पानी में डूब गई हैं। विभागीय जानकारों की माने तो पानी में डूबने के कारण मशीनें पूरी तरह से खराब हो जाएगी। जेई प्रेमचंद्र के ने बताया कि एलएनटी कंपनी को ये मशीनें लगानी है। इसलिए इन मशीनों के रखरखाव की जिम्मेदारी उन्हीं की है।
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