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अब 100 के बजाए देना होगा 500 रुपये जुर्माना
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गाजीपुर। सड़क सुरक्षा सप्ताह की एक कार्यशाला रायफल क्लब के सभागार में सोमवार को हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी के बालाजी ने कहा कि अब यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर 100 रुपये के बजाय पांच सौ रुपये जुर्माना लिया जाएगा। इसलिए सभी वाहन चालक हेलमेट जरूर पहनें और अपने जरूरी दस्तावेज अपने साथ जरूर रखें।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में जितनी मौतें रोग से नहीं होती, उससे कई गुना अधिक मौतेें सड़क दुर्घटना में हो जाती हैं। यातायात नियमों का पालन न करने एवं सुरक्षा बिंदुओं को नजरअंदाज कर वाहन चलाने के कारण प्रति वर्ष लाखों नौजवान असमय ही मौत के मुंह में समा जाते हैं। एक ओर नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के साथ सख्ती से पेश आने की जरूरत है तो वहीं दूसरी ओर हर व्यक्ति को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। कानून का पालन सिर्फ डर से नहीं, बल्कि दायित्व बोध से भी कराया जा सकता है।
उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूलों में प्रार्थना सभाओं में यातायात नियमों के बारे में रोज बताया जाए जिससे बच्चे स्वयं भी जिम्मेदार बनें। नशा और ओवरस्पीड के कारण सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटना में मौतेें होती हैं जिसमें सबसे ज्यादा संख्या युवाओं की होती है, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि नियमों को ताक पर रख ड्राइविंग करने के कारण कई परिवारों के चिराग बुझ जाते हैं। इसलिए जरूरत है कि हम सब स्वयं जागरूक हों और बच्चों पर नजर रखें तथा अभिभावक स्वयं भी सुधरें जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। प्रशिक्षक द्वारा कार्यशाला में आए हुए प्रतिभागियों को सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्तियों को तत्काल प्राथमिक उपचार देने के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया। उन्हें बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों की जान बचाने के लिए कोई भी व्यक्ति फौरी तौर पर क्या उपाय करे तो अस्पताल पहुंचने से पहले घायल को प्राथमिक उपचार दे दिया जाए, जिससे उसकी जान बच सके। सचिव सड़क सुरक्षा समिति सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राम सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा सप्ताह 17 जून से 22 जून तक चलेगा जिसके दौरान विभिन्न गतिविधियां आयोजित होेंगी। बैठक में एआरटीओ विनय कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि विनोद अग्रवाल एवं अन्य संबंधित उपस्थित थे।
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उन्होंने कहा कि हमारे देश में जितनी मौतें रोग से नहीं होती, उससे कई गुना अधिक मौतेें सड़क दुर्घटना में हो जाती हैं। यातायात नियमों का पालन न करने एवं सुरक्षा बिंदुओं को नजरअंदाज कर वाहन चलाने के कारण प्रति वर्ष लाखों नौजवान असमय ही मौत के मुंह में समा जाते हैं। एक ओर नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के साथ सख्ती से पेश आने की जरूरत है तो वहीं दूसरी ओर हर व्यक्ति को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। कानून का पालन सिर्फ डर से नहीं, बल्कि दायित्व बोध से भी कराया जा सकता है।
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उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूलों में प्रार्थना सभाओं में यातायात नियमों के बारे में रोज बताया जाए जिससे बच्चे स्वयं भी जिम्मेदार बनें। नशा और ओवरस्पीड के कारण सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटना में मौतेें होती हैं जिसमें सबसे ज्यादा संख्या युवाओं की होती है, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि नियमों को ताक पर रख ड्राइविंग करने के कारण कई परिवारों के चिराग बुझ जाते हैं। इसलिए जरूरत है कि हम सब स्वयं जागरूक हों और बच्चों पर नजर रखें तथा अभिभावक स्वयं भी सुधरें जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। प्रशिक्षक द्वारा कार्यशाला में आए हुए प्रतिभागियों को सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्तियों को तत्काल प्राथमिक उपचार देने के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया। उन्हें बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों की जान बचाने के लिए कोई भी व्यक्ति फौरी तौर पर क्या उपाय करे तो अस्पताल पहुंचने से पहले घायल को प्राथमिक उपचार दे दिया जाए, जिससे उसकी जान बच सके। सचिव सड़क सुरक्षा समिति सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राम सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा सप्ताह 17 जून से 22 जून तक चलेगा जिसके दौरान विभिन्न गतिविधियां आयोजित होेंगी। बैठक में एआरटीओ विनय कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि विनोद अग्रवाल एवं अन्य संबंधित उपस्थित थे।
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