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अवैध अस्पतालों पर करें सख्त कार्रवाई
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गाजीपुर। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक शनिवार को राइफल क्लब के सभागार में हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी के बालाजी ने जननी सुरक्षा योजना, जेएसवाई के भुगतान, मातृत्व मृत्यु दर, परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीकाकरण, ईएमटीएस सेवाएं, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं अन्य महत्पूर्ण बिंदुओं की ब्लाकवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जननी सुरक्षा योजनांतर्गत माह मई की तुलनात्मक स्थिति की जानकारी ली।
बैठक में प्रसव के बाद लाभार्थियों को दिये जाने वाले जेएसवाई केे भुगतान को पूछने पर बताया गया कि जिले में 857 लाभार्थियों को भुगतान किया जा चुका है। इस पर जिलाधिकारी ने दिए गए भुगतान की फाइनेंशियल डेटा चेक करते हुए अवगत कराने का निर्देश दिया। शेष बचे जेएसवाई भुगतान को अविलंब लाभार्थियों के खाते में भेजने का निर्देश दिया। मातृत्व मृत्यु समीक्षा में बताया गया कि जिले में आठ महिलाओं की मृत्यु हुई है, जिसका कारण पूछा। निर्देश दिया कि जिले में अवैध तरीके से चल रह अस्पतालों को चिह्नित करते हुए कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा कार्यक्रम के तहत मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली। इससें रेवतीपुर, भदौरा, जमानिया, मनिहारी एवं बाराचवर में कांट्रैक्टर द्वारा गुणवत्तापूर्ण भोजन न दिए जाने की शिकायत की गई। इस पर जिलाधिकारी ने सभी एमओवाईसी को जांच कर रिपोर्ट डीपीएम के माध्यम से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भोजन की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। जिलाधिकारी ने ईएमटीएस में 108 सेवाएं एवं राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवाएं 102 की समस्याओं, पीएचसी, सीएचसी पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की जानकारी ली। जिले की आशाओं की जानकारी लेते हुए बताया गया कि 3454 आशाएं हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने आशाओं के रिक्त पदों को ब्लाकवार भरने को कहा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जीसी मौर्या, अपर जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला कुष्ठ रोग अधिकारी, डीपीएम (एनएचएम), जिला मलेरिया अधिकारी, डीपीआरओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस, जिला आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी, जनपदीय यूनिसेफ प्रभारी/विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं सभी एमओवाईसी आदि उपस्थित थे।
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बैठक में प्रसव के बाद लाभार्थियों को दिये जाने वाले जेएसवाई केे भुगतान को पूछने पर बताया गया कि जिले में 857 लाभार्थियों को भुगतान किया जा चुका है। इस पर जिलाधिकारी ने दिए गए भुगतान की फाइनेंशियल डेटा चेक करते हुए अवगत कराने का निर्देश दिया। शेष बचे जेएसवाई भुगतान को अविलंब लाभार्थियों के खाते में भेजने का निर्देश दिया। मातृत्व मृत्यु समीक्षा में बताया गया कि जिले में आठ महिलाओं की मृत्यु हुई है, जिसका कारण पूछा। निर्देश दिया कि जिले में अवैध तरीके से चल रह अस्पतालों को चिह्नित करते हुए कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा कार्यक्रम के तहत मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली। इससें रेवतीपुर, भदौरा, जमानिया, मनिहारी एवं बाराचवर में कांट्रैक्टर द्वारा गुणवत्तापूर्ण भोजन न दिए जाने की शिकायत की गई। इस पर जिलाधिकारी ने सभी एमओवाईसी को जांच कर रिपोर्ट डीपीएम के माध्यम से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भोजन की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। जिलाधिकारी ने ईएमटीएस में 108 सेवाएं एवं राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवाएं 102 की समस्याओं, पीएचसी, सीएचसी पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की जानकारी ली। जिले की आशाओं की जानकारी लेते हुए बताया गया कि 3454 आशाएं हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने आशाओं के रिक्त पदों को ब्लाकवार भरने को कहा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जीसी मौर्या, अपर जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला कुष्ठ रोग अधिकारी, डीपीएम (एनएचएम), जिला मलेरिया अधिकारी, डीपीआरओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस, जिला आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी, जनपदीय यूनिसेफ प्रभारी/विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं सभी एमओवाईसी आदि उपस्थित थे।
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