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दो वर्ष बाद भी नहीं खुला रजिस्ट्रार कार्यालय
Updated Mon, 06 Aug 2018 11:33 PM IST
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कासिमाबाद(गाजीपुर)। तहसील शुरू होने के दो वर्ष बाद भी यहां पर रजिस्ट्रार कार्यालय न खुलने से लोगों को जिला मुख्यालय के साथ मुहम्मदाबाद आना-जाना पड़ रहा है। इससे लोगों को परेशानी महसूस हो रही है। क्षेत्रीय लोगों ने तहसील में रजिस्ट्रार कार्यालय खुलवाने की मांग की है।
दो वर्ष पूर्व आठ अगस्त को तत्कालीन जिलाधिकारी की ओर से इस तहसील का संचालन जब प्रारंभ किया गया तो लोगों को लगा कि भागदौड़ कम होने के साथ इस तहसील से समस्याओं का निदान तत्काल होने लगेगा लेकिन संसाधनों के अभाव में यह तहसील पूरी तरह से संचालित नहीं हो पा रही है। यहां पर पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं ब्लॉक की कॉलोनी में तहसील का कार्य प्रारंभ कर तो दिया गया लेकिन भवन की कमी यहां की सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। 12 मई 2015 को तत्कालीन राजस्व मंत्री शिवपाल यादव ने स्थानीय एक कॉलेज के मैदान में एक समारोह में इस तहसील का शिलान्यास करने के साथ छह माह में भवन बन जाने का वादा किया था। उस समय अपनी वर्षों पुरानी मांग पूरा होते देख लोगों के चेहरे खिल गए थे लेकिन लगभग तीन वर्ष होने जा रहा है इसके बाद भी भवन का कार्य प्रारंभ ही नहीं हुआ। इस नई तहसील में किसी भी अधिकारी के न्यायालय सुचारु रुप से नहीं चल रहे हैं। इसका प्रमुख कारण भवन का अभाव है। इसी प्रकार इस तहसील में रजिस्ट्रार कार्यालय न खुलने के कारण तहसील से संबंधित लोगों को अपनी चल-अचल संपत्ति क्रय-विक्रय करने के लिए आज भी मुहम्मदाबाद एवं जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। इस वजह से लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। सोनबरसा निवासी मोहन चौहान, जावेद अहमद, मखदूमपुर निवासी वीरेंद्र कनौजिया, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनुराग सिंह ने जिला प्रशासन एवं सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए यहां तत्काल भवन आदि समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है। तहसीलदार प्रमोद कुमार ने बताया कि यह मामला शासन स्तर का है। शासन की ओर से इस पर विचार किया जाएगा।
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दो वर्ष पूर्व आठ अगस्त को तत्कालीन जिलाधिकारी की ओर से इस तहसील का संचालन जब प्रारंभ किया गया तो लोगों को लगा कि भागदौड़ कम होने के साथ इस तहसील से समस्याओं का निदान तत्काल होने लगेगा लेकिन संसाधनों के अभाव में यह तहसील पूरी तरह से संचालित नहीं हो पा रही है। यहां पर पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं ब्लॉक की कॉलोनी में तहसील का कार्य प्रारंभ कर तो दिया गया लेकिन भवन की कमी यहां की सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। 12 मई 2015 को तत्कालीन राजस्व मंत्री शिवपाल यादव ने स्थानीय एक कॉलेज के मैदान में एक समारोह में इस तहसील का शिलान्यास करने के साथ छह माह में भवन बन जाने का वादा किया था। उस समय अपनी वर्षों पुरानी मांग पूरा होते देख लोगों के चेहरे खिल गए थे लेकिन लगभग तीन वर्ष होने जा रहा है इसके बाद भी भवन का कार्य प्रारंभ ही नहीं हुआ। इस नई तहसील में किसी भी अधिकारी के न्यायालय सुचारु रुप से नहीं चल रहे हैं। इसका प्रमुख कारण भवन का अभाव है। इसी प्रकार इस तहसील में रजिस्ट्रार कार्यालय न खुलने के कारण तहसील से संबंधित लोगों को अपनी चल-अचल संपत्ति क्रय-विक्रय करने के लिए आज भी मुहम्मदाबाद एवं जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। इस वजह से लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। सोनबरसा निवासी मोहन चौहान, जावेद अहमद, मखदूमपुर निवासी वीरेंद्र कनौजिया, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनुराग सिंह ने जिला प्रशासन एवं सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए यहां तत्काल भवन आदि समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है। तहसीलदार प्रमोद कुमार ने बताया कि यह मामला शासन स्तर का है। शासन की ओर से इस पर विचार किया जाएगा।
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