{"_id":"5b688d454f1c1b61508b7722","slug":"151533578565-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोडवेज भवन का निर्माण तीन साल बाद भी अधूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोडवेज भवन का निर्माण तीन साल बाद भी अधूरा
Updated Mon, 06 Aug 2018 11:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। राज्य सड़क परिवहन निगम के स्थानीय डिपो के भवन का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है, जबकि निर्माण का कार्य पिछले तीन वर्ष से चल रहा है। बारिश के इस मौसम में परिसर में दलदल होने के कारण बसे जहां-तहां फंस जा रही हैं। कुछ को मजबूरन सड़क पर खड़ा करना पड़ रहा है। पानी और कीचड़ के कारण कार्यालय तक पहुंचने में कर्मचारियों की फजीहत हो जा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को हो रही है। परिसर में बैठ कर बसों का इंतजार करना तो दूर बारिश से हुए दलदल के कारण वह अंदर जाने का साहस तक नहीं जुटा पा रहे हैं।
राज्य सड़क परिवहन निगम के स्थानीय डिपो की हालत दयनीय हो गई थी। इसे देखते हुए वर्ष 2015 के अंत में डिपो परिसर में भवन, प्लेटफार्म, नाली एवं परिसर के निर्माण के लिए पांच करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई। डिपो प्रशासन की मानें तो इस कार्य को एक वर्ष में पूरा कर लिया जाना था। इसके लिए कार्यदायी संस्था को अवगत भी कराया गया लेकिन कोई तेजी नहीं आई। कुछ माह पहले निरीक्षण के दौरान कार्य की धीमी गति देख परिवहन मंत्री की त्योरी चढ़ गई थी। उनके तेवर देख मार्च 2018 तक निर्माण कार्य पूरा करने का वादा किया गया। इसके बाद कार्य में कुछ तेजी जरूर आई लेकिन मार्च बीतने के कई माह बीत जाने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो सका है। भवन निर्माण में हो रही देरी का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। बारिश के इस मौसम में डिपो परिसर दलदल में तब्दील हो गया है। इसके चलते परिसर में बैठकर बसों की प्रतीक्षा करना तो दूर वह अंदर जाने का भी साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। पानी लगने और फिसलन की वजह से कर्मचारियों की परिसर में स्थित कार्यालय तक पहुंचने में फजीहत हो रही है। पानी लगने एवं डिपो दलदल में तब्दील होने के कारण बसें सड़क पर खड़ी रहती हैं। इसके चलते टैक्सी स्टैंड से सिटी रेलवे स्टेशन जाने वाले इस मार्ग पर प्राय: जाम की समस्या से लोगों को दो-चार होना पड़ता है। इस संबंध में डिपो के संचालन प्रभारी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि भवन निर्माण में देरी को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। बसों के संचालन पर असर पड़ने से यात्रियों को परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
राज्य सड़क परिवहन निगम के स्थानीय डिपो की हालत दयनीय हो गई थी। इसे देखते हुए वर्ष 2015 के अंत में डिपो परिसर में भवन, प्लेटफार्म, नाली एवं परिसर के निर्माण के लिए पांच करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई। डिपो प्रशासन की मानें तो इस कार्य को एक वर्ष में पूरा कर लिया जाना था। इसके लिए कार्यदायी संस्था को अवगत भी कराया गया लेकिन कोई तेजी नहीं आई। कुछ माह पहले निरीक्षण के दौरान कार्य की धीमी गति देख परिवहन मंत्री की त्योरी चढ़ गई थी। उनके तेवर देख मार्च 2018 तक निर्माण कार्य पूरा करने का वादा किया गया। इसके बाद कार्य में कुछ तेजी जरूर आई लेकिन मार्च बीतने के कई माह बीत जाने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो सका है। भवन निर्माण में हो रही देरी का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। बारिश के इस मौसम में डिपो परिसर दलदल में तब्दील हो गया है। इसके चलते परिसर में बैठकर बसों की प्रतीक्षा करना तो दूर वह अंदर जाने का भी साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। पानी लगने और फिसलन की वजह से कर्मचारियों की परिसर में स्थित कार्यालय तक पहुंचने में फजीहत हो रही है। पानी लगने एवं डिपो दलदल में तब्दील होने के कारण बसें सड़क पर खड़ी रहती हैं। इसके चलते टैक्सी स्टैंड से सिटी रेलवे स्टेशन जाने वाले इस मार्ग पर प्राय: जाम की समस्या से लोगों को दो-चार होना पड़ता है। इस संबंध में डिपो के संचालन प्रभारी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि भवन निर्माण में देरी को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। बसों के संचालन पर असर पड़ने से यात्रियों को परेशानी हो रही है।
विज्ञापन