फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   अफसरों के गोद लिए गांव...

अफसरों के गोद लिए गांव...

Thu, 21 Jun 2018 12:04 AM IST
Updated Thu, 21 Jun 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
अफसरों के गोद लिए गांव...
बहरियाबाद(गाजीपुर)। सादात ब्लॉक के मिर्जापुर ग्राम पंचायत के नगौरा गांव में ग्रामीणों के लिए बुनियादी सुविधाएं तक मुहैया नहीं है। गांव में बिजली, पानी, शिक्षा, संपर्क मार्ग, साफ-सफाई, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। नागरिकों के लिए चलाई जा रही राशन, पेंशन जैसी सरकारी योजनाएं भी इस गांव की दहलीज तक नहीं पहुंची है। शासन के दबाव में क्षेत्रीय ग्रामीण विकास संस्थान के प्राचार्य ने गांव को गोद जरूर ले लिया, लेकिन कभी भी इस गांव के विकास को लेकर चिंतित नहीं दिखे और न ही ग्रामीणों के साथ बैठकर लोगों की समस्याएं सुनी।
विज्ञापन

सादात ब्लॉक के सबसे बड़े ग्राम पंचायत मिर्जापुर का राजस्व गांव नगौरा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्रनाथ पांडेय के ग्राम सभा में आता है। नगौरा दो मुहल्लों में विभाजित है। विकास की किरणें इस गांव तक नहीं पहुंची हैं। खास बात यह है कि ग्रामवासी कौन कहे, ग्राम प्रधान तक को यह पता नहीं है कि उनके गांव के विकास के लिए किसी अधिकारी ने गोद लिया है। करीब 900 की आबादी वाले इस गांव में ब्राम्हण, कोहार, भर आदि जातियों के लोग निवास करते हैं। गांव की सड़कें जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हैं। गांव में एक प्राथमिक विद्यालय है, जिसका शौचालय खराब और गंदा रहता है। आंगनबाड़ी केंद्र अभी निर्माणाधीन है, जहां सरकार एक तरफ गांव को खुले में शौचमुक्त करने का हर संभव प्रयास कर रही है, वहीं नगौरा गांव में शौचालय के दर्शन दुर्लभ हैं। आवास की स्थिति यह है कि आज भी लोग मिट्टी के कच्चे घरों तथा घास-फूस की झोपड़ियों में रहने को विवश हैं। कई पात्र होते हुए भी विधवा पेंशन, राशनकार्ड आदि से वंचित हैं। गांव के बाहरी छोर तक विद्युतीकरण तो की गई है, किन्तु गांव के अन्दर हालत ज्यों की त्यों है। आज भी लोग लालटेन युग में जीने को विवश हैं। गांव में जलनिकासी की गंभीर समस्या है। नाली का निर्माण न होने से लोगों के घरों का गंदा पानी बाहर नहीं निकल पाता है। बरसात के दिनों में स्थिति और नारकीय हो जाती है। पेयजल की भी स्थिति बदतर है। गांव में आबादी की अपेक्षा हैंडपंपों की संख्या बहुत कम है। काली मंदिर परिसर में लगा हैंडपंप विगत तीन वर्षों से खराब पड़ा है, लेकिन किसी ने उसकी सुध नहीं ली। मिर्जापुर ग्रामसभा में जलनिगम की टंकी होने के बावजूद नगौरा के लोगों को जलनिगम का पानी पाइप लाइन कई स्थानों पर फूटने तथा क्षतिग्रस्त होने के कारण नहीं मिल पाता है। गांव के त्रिलोक पांडेय ने बताया कि नालियों का निर्माण न होने से जलनिकासी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। गंदा पानी घरों तथा नालियों में जमा होकर दुर्गंध देती रहती है। गंदे पानी के चलते आवागमन में कठिनाई तो होती ही है साथ ही संक्रामक रोगों का भी भय बना रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed