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अल्लाह की इबादत में बच्चे भी रख रहे रोजा
Updated Tue, 22 May 2018 11:16 PM IST
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गाजीपुर। नगर सहित मुस्लिम बहुल कस्बों एवं गांवों में भीषण गर्मी एवं तपिश के बावजूद रोजेदार पूरे जोशो-खरोश के साथ रोजा रख रहे हैं। बड़ों के साथ ही बच्चे भी रोजा रख अल्लाह की इबादत कर रहे हैं। बच्चों के इस हौसले के देख बड़े भी एक बार सोचने को विवश हो जा रहे हैं और उनके मुंह से यह बात निकल जा रही है कि अबादत में बहुत ताकत होती है।
बहरियाबाद संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के चकफरीद निवासी मुख्तार अंसारी की 10 वर्षीय पुत्री आयत परवीन इस वर्ष दूसरी बार रोजा रख रही है। उसने बताया कि अम्मी-अब्बू रोजा रखते हैं और कहते हैं कि तुम अगर रोजा रहोगी तो तुम्हारे साथ-साथ हमारे लिए भी नेकी दर्ज होगी तथा इसका सवाब हमें भी मिलेगा। उधर, भीमापार निवासी फखरुद्दीन अंसारी के आठ वर्षीय पुत्र माहताब अंसारी पहली बार रोजा रखा है। माहताब ने कहा कि अम्मी-अब्बू और घर के दूसरे लोग रोजा रहते हैं, इस लिए हम भी हैं। पिता फखरुद्दीन ने कहा कि वह जिद्द करने लगा कि हमें सहरी के वक्त जरूर जगा दीजिएगा, हम भी रोजा रखेंगे। जमानिया संवाददाता के अनुसार स्थानीय नगर के कानूनगो मोहल्ला निवासी जाहिद सिद्दीकी के आठ वर्षीय पुत्र अयाज अहमद पूरी अकीदत के साथ रोजा रख खुदा की इबादत में तल्लीन हैं। रोजा रखने के संबंध में पूछे जाने पर अयाज ने बताया कि अब्बू-अम्मी और परिवार की सलामती के लिए रोजा रख रहे हैं। बुद्धिपुर कोट मोहल्ला निवासी वकील सिद्दीकी के 10 वर्षीय पुत्र फरहान सिद्दीकी ने जिद कर रोजा रखा है। नन्हे रोजेदार के रूप में फरहान के रोजा रखने से परिवार के सदस्यों में भी खुशी दिख रही है। फरहन कहते है कि रोजा से बरकत मिलती है। यह सवाब का कार्य है।
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बहरियाबाद संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के चकफरीद निवासी मुख्तार अंसारी की 10 वर्षीय पुत्री आयत परवीन इस वर्ष दूसरी बार रोजा रख रही है। उसने बताया कि अम्मी-अब्बू रोजा रखते हैं और कहते हैं कि तुम अगर रोजा रहोगी तो तुम्हारे साथ-साथ हमारे लिए भी नेकी दर्ज होगी तथा इसका सवाब हमें भी मिलेगा। उधर, भीमापार निवासी फखरुद्दीन अंसारी के आठ वर्षीय पुत्र माहताब अंसारी पहली बार रोजा रखा है। माहताब ने कहा कि अम्मी-अब्बू और घर के दूसरे लोग रोजा रहते हैं, इस लिए हम भी हैं। पिता फखरुद्दीन ने कहा कि वह जिद्द करने लगा कि हमें सहरी के वक्त जरूर जगा दीजिएगा, हम भी रोजा रखेंगे। जमानिया संवाददाता के अनुसार स्थानीय नगर के कानूनगो मोहल्ला निवासी जाहिद सिद्दीकी के आठ वर्षीय पुत्र अयाज अहमद पूरी अकीदत के साथ रोजा रख खुदा की इबादत में तल्लीन हैं। रोजा रखने के संबंध में पूछे जाने पर अयाज ने बताया कि अब्बू-अम्मी और परिवार की सलामती के लिए रोजा रख रहे हैं। बुद्धिपुर कोट मोहल्ला निवासी वकील सिद्दीकी के 10 वर्षीय पुत्र फरहान सिद्दीकी ने जिद कर रोजा रखा है। नन्हे रोजेदार के रूप में फरहान के रोजा रखने से परिवार के सदस्यों में भी खुशी दिख रही है। फरहन कहते है कि रोजा से बरकत मिलती है। यह सवाब का कार्य है।
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