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दशकों बाद राजवाहा में आया पानी किसानों के लिए बना मुसीबत
Updated Tue, 09 Jan 2018 11:13 PM IST
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दुबिहां। अर्से बाद देवकली पंप कैनाल से निकले दलपतपुर राजवाहा में सोमवार की देर रात पानी तो छोड़ा गया। लेकिन अब नहर में छोड़ा गया पानी किसानों के लिए मुसीबत बना हुुआ है। वजह की गड़ार गांव के बाद नहर का पानी जाने के लिए कोई रास्ता नहीं बनाया गया है। टोंस नदी तक पानी ले जाने के लिए नहर का निर्माण होना था, लेकिन नहीं हुआ है। नहर का पानी छोड़े जाते ही किसानों की सैकड़ों एकड़ खेत पानी में जलमग्न हो सकता है। किसान इसे लेकर चिंतित हैं।
करीब तीन दशक वर्ष पहले जहूराबाद, सिऊरी अहमट, बॉकी, राजापुर, दलपतपुर, असावर, कमसड़ी, हरदासपुर, गोविंदपुर और गड़ार गांव के किसानों को सिंचाई की बेहतर व्यवस्था देने के लिए दलपतपुर राजवाहा का निर्माण कराया गया था। निर्माण होने के कई दशकों तक उस नहर में देवकली पंप कैनाल से पानी छोड़ा नहीं गया। कई वर्ष बाद जब देर रात कैनाल से पूरी क्षमता से पानी छोड़ा गया तो किसानों के चेहरे पर खुशी की जगह माथे पर चिंता की लकीर खिंच गई है। हरदासपुर गांव के किसान रमाकांत राय ने कहा कि अगर नहर में पूरी क्षमता से पानी छोड़ा गया तो किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल डूबने से बर्बाद होगी। बताया कि इस नहर से खेतों में सिंचाई के लिए जगह जगह गुलावे भी बनाए गए है। किसानों का कहना है कि वर्षो से नहर में न तो पानी छोड़ा गया और न ही गड़ार गांव से आगे आधे किलोमीटर दूर स्थित टौंस नदी में पानी गिराने के लिए नहर भी नहीं बनाया गया है। इसके चलते पानी खेतों में फैलने के साथ फसल जलमग्न हो जाएगी।
इस संबंध में सिंचाई विभाग के अवर अभियंता अमित सिंह ने कहा की किसानों की सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया है। गड़ार गांव के बाद टौंस नदी में अतिरिक्त पानी गिराने के लिए नहर नहीं है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। इसके लिए नहर में पानी को क्षतमा से नहीं छोड़ा जा रहा है। टौंस नदी में पानी गिरने की व्यवस्था होने के बाद ही पूरी क्षमता से पानी नहर में छोड़ा जाएगा।
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करीब तीन दशक वर्ष पहले जहूराबाद, सिऊरी अहमट, बॉकी, राजापुर, दलपतपुर, असावर, कमसड़ी, हरदासपुर, गोविंदपुर और गड़ार गांव के किसानों को सिंचाई की बेहतर व्यवस्था देने के लिए दलपतपुर राजवाहा का निर्माण कराया गया था। निर्माण होने के कई दशकों तक उस नहर में देवकली पंप कैनाल से पानी छोड़ा नहीं गया। कई वर्ष बाद जब देर रात कैनाल से पूरी क्षमता से पानी छोड़ा गया तो किसानों के चेहरे पर खुशी की जगह माथे पर चिंता की लकीर खिंच गई है। हरदासपुर गांव के किसान रमाकांत राय ने कहा कि अगर नहर में पूरी क्षमता से पानी छोड़ा गया तो किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल डूबने से बर्बाद होगी। बताया कि इस नहर से खेतों में सिंचाई के लिए जगह जगह गुलावे भी बनाए गए है। किसानों का कहना है कि वर्षो से नहर में न तो पानी छोड़ा गया और न ही गड़ार गांव से आगे आधे किलोमीटर दूर स्थित टौंस नदी में पानी गिराने के लिए नहर भी नहीं बनाया गया है। इसके चलते पानी खेतों में फैलने के साथ फसल जलमग्न हो जाएगी।
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इस संबंध में सिंचाई विभाग के अवर अभियंता अमित सिंह ने कहा की किसानों की सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया है। गड़ार गांव के बाद टौंस नदी में अतिरिक्त पानी गिराने के लिए नहर नहीं है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। इसके लिए नहर में पानी को क्षतमा से नहीं छोड़ा जा रहा है। टौंस नदी में पानी गिरने की व्यवस्था होने के बाद ही पूरी क्षमता से पानी नहर में छोड़ा जाएगा।
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