{"_id":"5a1705284f1c1b71548bee26","slug":"151511458088-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग से दो रिहायसी झोपड़ी जलकर राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग से दो रिहायसी झोपड़ी जलकर राख
Updated Thu, 23 Nov 2017 10:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुहवल (गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के पटखौलिया गांव में बुधवार की रात रहस्यमय ढंग से लगी आग से दो रिहायशी झोपड़ी जलकर राख हो गई। आग की घटना में गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। पीड़ित परिवार की आवाज सुनकर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। गुरुवार को घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय लेखपाल ने नुकसान हुुए सामानों की रिपोर्ट बनाकर संबंधित अधिकारियों को सौंप दी।
आग की इस घटना से पीड़ित परिवार इस ठंड के मौसम में खुले आसमान के नीचे आ गए। कपड़े और अनाज के साथ जानवरों का चारा जल जाने से परिजनों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गांव के रहने वाले वंशु बिंद रोज की तरह खेत से कार्यों को निपटाकर अपने परिजनों संग भोजन करने के बाद सोने चले गए। देर रात जैसे ही उनकी नींद टूटी उनकी झोपड़ी से धुआं निकलता दिखा। अभी वह कुछ समझ पाते कि झोपड़ी से आग की तेज लपटें उठने लगी। आग की लपटों को देख वह शोर मचाते हुए किसी तरह अपने परिजनों और जानवरों को बाहर निकाले। आवाज सुनकर ग्रामीणों की भी नींद टूट गई। ग्रामीण आग की लपटें देख घटना स्थल की तरफ दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पीड़ित ने बताया कि अग्निकांड में दो रिहायशी झोपड़ियां जलकर राख हो गई हैं। आग की इस घटना में जानवरों का चारा, कपड़ा आदि अन्य गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही सुबह क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंच गए और आग की घटना में नष्ट हुुए सामानों की रिपोर्ट बनाकर संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया।
विज्ञापन
आग की इस घटना से पीड़ित परिवार इस ठंड के मौसम में खुले आसमान के नीचे आ गए। कपड़े और अनाज के साथ जानवरों का चारा जल जाने से परिजनों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गांव के रहने वाले वंशु बिंद रोज की तरह खेत से कार्यों को निपटाकर अपने परिजनों संग भोजन करने के बाद सोने चले गए। देर रात जैसे ही उनकी नींद टूटी उनकी झोपड़ी से धुआं निकलता दिखा। अभी वह कुछ समझ पाते कि झोपड़ी से आग की तेज लपटें उठने लगी। आग की लपटों को देख वह शोर मचाते हुए किसी तरह अपने परिजनों और जानवरों को बाहर निकाले। आवाज सुनकर ग्रामीणों की भी नींद टूट गई। ग्रामीण आग की लपटें देख घटना स्थल की तरफ दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पीड़ित ने बताया कि अग्निकांड में दो रिहायशी झोपड़ियां जलकर राख हो गई हैं। आग की इस घटना में जानवरों का चारा, कपड़ा आदि अन्य गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही सुबह क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंच गए और आग की घटना में नष्ट हुुए सामानों की रिपोर्ट बनाकर संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया।
विज्ञापन