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Ghazipur News: सड़क दुर्घटनाओं में हफ्तेभर में गई 15 लोगों की जान
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गाजीपुर। जिले में एक सप्ताह में 15 लोगों की जान सड़क हादसे में चली गई। दो से तीन के अंतराल पर हुई दुर्घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया।
वाहनों की तेज रफ्तार प्रमुख कारण बनती जा रही हैं, बावजूद नियंत्रण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
सबसे बड़ी बात तो यह है कि मरने वालों में सबसे अधिक युवा हैं, जिनकी उम्र आठ वर्ष से 40 वर्ष के बीच में है।
शहर कोतवाली क्षेत्र में अब तक सबसे अधिक मौत हो चुकी है। स्थिति यह है कि कोतवाली क्षेत्र में ही मात्र नौ दिन के अंतराल पर ही सात लोगों की जान जा चुकी है। जबकि दो से अधिक घायल हो चुके हैं, जो जीवन और मौत के बीच अस्पताल में संघर्ष कर रहे हैं।
इसके अलावा बरेसर, शादियाबाद, करीमुद्दीनपुर, नंदगंज, जमानिया और भुड़कुड़ा कोतवाली क्षेत्र में एक- एक लोगों की सड़क हादसे में मौत हुई है। खासकर फोरलेन और प्रमुख मार्ग पर तेज रफ्तार वाहन फर्राटा भर रहे वाहन हादसों के प्रमुख कारण बने हुए हैं। शहर कोतवाली के नसीरपुर फोरलेन चौराहे पर तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से तीन परिवारों के चार लोगों की मौत हो गई थी। यहीं नहीं तेज रफ्तार वाहन से कुचलकर बाजार जा रहे एक वृद्ध की मौत हो गई थी। यह दोनों घटनाएं फोरलेन पर ही हुई हैं। बावजूद फोरलेन पर फार्रटा भर रहे वाहनाें की रफ्तार पर अंकुश लगाने के लिए न तो कोई मापक यंत्र लगाया गया है और न ही सीसीटीवी कैमरे ही लगाए गए हैं, जिससे इनके रफ्तार पर रोक लगाई जा सके।
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वाहनों की तेज रफ्तार प्रमुख कारण बनती जा रही हैं, बावजूद नियंत्रण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
सबसे बड़ी बात तो यह है कि मरने वालों में सबसे अधिक युवा हैं, जिनकी उम्र आठ वर्ष से 40 वर्ष के बीच में है।
शहर कोतवाली क्षेत्र में अब तक सबसे अधिक मौत हो चुकी है। स्थिति यह है कि कोतवाली क्षेत्र में ही मात्र नौ दिन के अंतराल पर ही सात लोगों की जान जा चुकी है। जबकि दो से अधिक घायल हो चुके हैं, जो जीवन और मौत के बीच अस्पताल में संघर्ष कर रहे हैं।
इसके अलावा बरेसर, शादियाबाद, करीमुद्दीनपुर, नंदगंज, जमानिया और भुड़कुड़ा कोतवाली क्षेत्र में एक- एक लोगों की सड़क हादसे में मौत हुई है। खासकर फोरलेन और प्रमुख मार्ग पर तेज रफ्तार वाहन फर्राटा भर रहे वाहन हादसों के प्रमुख कारण बने हुए हैं। शहर कोतवाली के नसीरपुर फोरलेन चौराहे पर तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से तीन परिवारों के चार लोगों की मौत हो गई थी। यहीं नहीं तेज रफ्तार वाहन से कुचलकर बाजार जा रहे एक वृद्ध की मौत हो गई थी। यह दोनों घटनाएं फोरलेन पर ही हुई हैं। बावजूद फोरलेन पर फार्रटा भर रहे वाहनाें की रफ्तार पर अंकुश लगाने के लिए न तो कोई मापक यंत्र लगाया गया है और न ही सीसीटीवी कैमरे ही लगाए गए हैं, जिससे इनके रफ्तार पर रोक लगाई जा सके।
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