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जिले में 144 अमान्य विद्यालय हो रहे हैं संचालित
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जिले में बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों के संचालकों की खैर नहीं है। शासन के निर्देश पर जिले के सभी विकासखंडों में ऐसे 144 विद्यालय चिन्हित किए गए हैं। सबसे ज्यादा ऐसे विद्यालय भांवरकोल विकासखंड क्षेत्र में हैं। इन्हें नोटिस जारी की जा रही है। इसके बाद भी इनके संचालित होते पाए जाने पर इन पर जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि इनको बंद करने से पहले इन विद्यालयों के बच्चों को पास के परिषदीय विद्यालयों में दाखिला कराया जाएगा।
परिषदीय विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन कराने के उद्देश्य से प्रदेश में स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान शासन के संज्ञान में आया कि विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में अमान्य विद्यालय संचालित हैं। इनके संचालन से परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का नामांकन कम हो रहा है। इसको गंभीरता से लेते हुए उसके फरमान पर बेसिक शिक्षाधिकारी ने जिले के सभी खंड शिक्षाधिकारियों (बीईओ) को बिना मान्यता के संचालित स्कूलों को चिन्हित करने का निर्देश दिया। इसके बाद 144 ऐसे विद्यालय चिह्नित हुए हैं जो अमान्य हैं। इसमें सबसे अधिक ये विद्यालय भांवरकोल विकासखंड क्षेत्र में जबकि एक विद्यालय नगर क्षेत्र में भी संचालित है। बीईओ की तरफ से ऐसे विद्यालय के संचालकों को नोटिस जारी की जा रही है। इसके बाद भी इनका संचालन पाए जाने पर संबंधित संचालक की खैर नहीं है। उनसे एक लाख रुपये बतौर जुर्माना वसूला जाएगा।
सादात में एक भी अमान्य विद्यालय संचालित नहीं
ले में सबसे ज्यादा अमान्य विद्यालय भांवरकोल ब्लाक में 24 संचालित हैं। जबकि सादात में ऐसा एक भी विद्यालय चिह्नित नहीं हुआ है। इसी तरह मनिहारी में छह, सैदपुर चार, मुहम्मदाबाद आठ, जखनिया चार, जमानिया 19,श् भदौरा 18, सदर पांच तथा कासिमाबाद में आठ विद्यालय चल रहे हैं। इसके अलावा देवकली में 11, रेवतीपुर तीन, बाराचंवर 18, करंडा चार, मरदह सात, बिरनो चार तथा नगर क्षेत्र में एक विद्यालय बिना मान्यता के संचालित है।
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कोट
जिले में बिना मान्यता के 144 विद्यालय चिह्नित हुए हैं। ऐसे विद्यालयों को बंद करने से पहले उन विद्यालयों के बच्चों को पास के परिषदीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा
- हेमंत राव, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी
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परिषदीय विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन कराने के उद्देश्य से प्रदेश में स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान शासन के संज्ञान में आया कि विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में अमान्य विद्यालय संचालित हैं। इनके संचालन से परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का नामांकन कम हो रहा है। इसको गंभीरता से लेते हुए उसके फरमान पर बेसिक शिक्षाधिकारी ने जिले के सभी खंड शिक्षाधिकारियों (बीईओ) को बिना मान्यता के संचालित स्कूलों को चिन्हित करने का निर्देश दिया। इसके बाद 144 ऐसे विद्यालय चिह्नित हुए हैं जो अमान्य हैं। इसमें सबसे अधिक ये विद्यालय भांवरकोल विकासखंड क्षेत्र में जबकि एक विद्यालय नगर क्षेत्र में भी संचालित है। बीईओ की तरफ से ऐसे विद्यालय के संचालकों को नोटिस जारी की जा रही है। इसके बाद भी इनका संचालन पाए जाने पर संबंधित संचालक की खैर नहीं है। उनसे एक लाख रुपये बतौर जुर्माना वसूला जाएगा।
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सादात में एक भी अमान्य विद्यालय संचालित नहीं
ले में सबसे ज्यादा अमान्य विद्यालय भांवरकोल ब्लाक में 24 संचालित हैं। जबकि सादात में ऐसा एक भी विद्यालय चिह्नित नहीं हुआ है। इसी तरह मनिहारी में छह, सैदपुर चार, मुहम्मदाबाद आठ, जखनिया चार, जमानिया 19,श् भदौरा 18, सदर पांच तथा कासिमाबाद में आठ विद्यालय चल रहे हैं। इसके अलावा देवकली में 11, रेवतीपुर तीन, बाराचंवर 18, करंडा चार, मरदह सात, बिरनो चार तथा नगर क्षेत्र में एक विद्यालय बिना मान्यता के संचालित है।
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जिले में बिना मान्यता के 144 विद्यालय चिह्नित हुए हैं। ऐसे विद्यालयों को बंद करने से पहले उन विद्यालयों के बच्चों को पास के परिषदीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा
- हेमंत राव, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी