गाजीपुर/बिरनो। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जनपद के हंदवाड़ा में आतंकी मुठभेड़ में शहीद सीआरपीएफ के सूबेदार श्याम नारायण यादव का पार्थिव शरीर रविवार की रात करीब साढे़ 12 बजे उनके गांव पहुंचा। बिरनो के हसनपुर निवासी जवान का शव पहुंचते ही घर में रुदन-क्रंदन और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार की सुबह करीब साढे़ 10 बजे उनकी शव यात्रा जनसमूह के बीच निकाली गई। विभिन्न रास्तों से होकर यात्रा दिन में करीब ढाई बजे श्मशान घाट पर पहुंची। यहां पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सीआरपीएफ के डीआईजी राजेंद्रम जी और कमाडेंट राजीव कुमार के साथ जवानों ने सलामी दी। हजारों लोगों ने गर्व के बीच नम आंखों से जनपद के इस जांबाज लाल को अंतिम विदाई दी। बिरनो थाना क्षेत्र के हसनपुरा गांव निवासी श्याम नारायण यादव जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में तैनात थे। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान एक मार्च को वह गोली लगने से घायल हो गए थे। शनिवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इसकी सूचना मिलते ही शहीद के गांव में शोक की लहर दौड़ गई और शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। रविवार को परिवार के साथ ही ग्रामीण शव आने का इंतजार करते रहे। देर रात करीब साढे़ 12बजे जैसे ही शव पहुंचा, रात की शांत फिजां में परिजनों के रोने की आवाज सुनाई देने लगी। सुबह का सूरज निकलते ही शहीद जवान के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का समूह उमड़ पड़ा। दोपहर करीब ढाई बजे श्मशान घाट पर पहुंची। यहां पर जिलाधिकारी के बाला जी, पुलिस अधीक्षक डा. अरविंद चतुर्वेदी, एसपी सिटी, सीआरपी सेंट्रल सेक्टर के आईजी सुभाष चंद्र, डीआईजी सीआरपीएफ चंदौली राजेंद्रम जी, कमांडेंट 128 बटालियन राजीव कुमार आदि अधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद सीआरपीएफ के जवानों ने सलामी दी। मुखाग्नि शहीद के छोटे पुत्र प्रवीण यादव ने दिया। मौजूद हजारों लोगों ने फक्र के बीच जिले के जांबाज लाल को अंतिम विदाई दी।