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रेलवे ने भूमि से हटवाया अतिक्रमण
Updated Mon, 24 Sep 2018 11:08 PM IST
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दुल्लहपुर(गाजीपुर)। स्थानीय रेलवे स्टेशन के सामने सुंदरीकरण तथा विस्तारीकरण के लिए रेलवे प्रशासन आरपीएफ और थाना पुलिस के साथ सोमवार को रेलवे की भूमि पर किए अतिक्रमण को जेसीबी से हटवाया। इससे अतिक्रमण करने वालों में अफरा-तफरी मची रही।
रेलवे स्टेशन के सामने सुंदरीकरण तथा विस्तारीकरण के लिए रेलवे प्रशासन ने एलाट किए दुकानों को पीछे आवंटित करते हुए आगे खाली करने का अल्टीमेटम दुकानदारों कुछ दिन पहले दिया था। तय समयसीमा खत्म होने के बाद भी दुकानदारों द्वारा कब्जा नहीं हटाया गया। इस पर रेलवे मऊ के आईडब्ल्यू एमपी पाठक तथा दर्जनों आरपीएफ जवानों के साथ आरपीएफ इंस्पेक्टर धनंजय कुमार और स्थानीय थाना तथा भुड़कुड़ा, शादियाबाद एवं बिरनों थाना पुलिस की उपस्थिति में जेसीबी चलवाकर अतिक्रमण का ध्वस्तीकरण किया गया। रेलवे मऊ के आईडब्ल्यू एमपी पाठक ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए दुकानदारों को कई बार अल्टीमेटम दिया गया था। अंतिम बार 20 सितंबर को सबको नोटिस दिया गया, लेकिन कुछ लोग यह समयसीमा भी पार कर गए। यदि लोगों ने स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लिया होता तो इससे अतिक्रमण को ध्वस्त कराना पड़ा। कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए चलाने वाले अभियान के लिए एक दिन का रेलवे को पांच लाख रुपया खर्च करना पड़ता है। हालांकि अभियान के दौरान कहीं से कोई विरोध नहीं रहा। अधिकारियों तथा फोर्स की उपस्थिति के दौरान सुबह 10 से तीन बजे तक अतिक्रमण हटाया गया। अतिक्रमण हटाने के दौरान दुकानदारों में घंटों अफरा-तफरी मची रही।
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रेलवे स्टेशन के सामने सुंदरीकरण तथा विस्तारीकरण के लिए रेलवे प्रशासन ने एलाट किए दुकानों को पीछे आवंटित करते हुए आगे खाली करने का अल्टीमेटम दुकानदारों कुछ दिन पहले दिया था। तय समयसीमा खत्म होने के बाद भी दुकानदारों द्वारा कब्जा नहीं हटाया गया। इस पर रेलवे मऊ के आईडब्ल्यू एमपी पाठक तथा दर्जनों आरपीएफ जवानों के साथ आरपीएफ इंस्पेक्टर धनंजय कुमार और स्थानीय थाना तथा भुड़कुड़ा, शादियाबाद एवं बिरनों थाना पुलिस की उपस्थिति में जेसीबी चलवाकर अतिक्रमण का ध्वस्तीकरण किया गया। रेलवे मऊ के आईडब्ल्यू एमपी पाठक ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए दुकानदारों को कई बार अल्टीमेटम दिया गया था। अंतिम बार 20 सितंबर को सबको नोटिस दिया गया, लेकिन कुछ लोग यह समयसीमा भी पार कर गए। यदि लोगों ने स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लिया होता तो इससे अतिक्रमण को ध्वस्त कराना पड़ा। कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए चलाने वाले अभियान के लिए एक दिन का रेलवे को पांच लाख रुपया खर्च करना पड़ता है। हालांकि अभियान के दौरान कहीं से कोई विरोध नहीं रहा। अधिकारियों तथा फोर्स की उपस्थिति के दौरान सुबह 10 से तीन बजे तक अतिक्रमण हटाया गया। अतिक्रमण हटाने के दौरान दुकानदारों में घंटों अफरा-तफरी मची रही।
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