{"_id":"5b09a4ef4f1c1b956e8b4bda","slug":"141527358703-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश में 85 प्रतिशत दलित गरीबी से जूझ रहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश में 85 प्रतिशत दलित गरीबी से जूझ रहे
Updated Sat, 26 May 2018 11:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर, देवकली। जन अधिकार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा का शनिवार को ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। शेखपुर में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान कहा कि देश के 85 प्रतिशत दलित एवं पिछड़ा वर्ग गरीबी से जूझ रहे हैं। अति पिछड़े वर्ग को विभिन्न जातियों में बांटा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाल्मिकी, भंगी, कोल, रविदास, मोची, धोबी, खटीक, मुराई, काछी, कुशवाहा, कमकर, पाल, नट, पासी, कलवार, निषाद, केवट, कश्यप, ठठेरा, बिंद, चौरसिया आदि पिछड़े वर्ग की आबादी का 60 प्रतिशत है। इन्हें मात्र 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। जिस पर एक विशेष जाति का कब्जा है। इसी प्रकार दलितों के 23 प्रतिशत आरक्षण पर भी एक विशेष वर्ग का कब्जा है। जन अधिकार मंच सत्ता में आने पर आबादी के अनुसार आरक्षण देने का काम किया जाएगा। सरकारी नौकरियों, प्राइवेट, ग्राम से लेकर विधान सभा लोकसभा तक देने का प्रावधान होगा। तमिलनाडू में 68 प्रतिशत, कर्नाटक में 62, महाराष्ट्र में 73, राजस्थान में 68 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। इसके अलावा केरल, उड़िसा, हरियाणा, बिहार, पश्चिम बंगाल में उपवर्ग बनाकर आरक्षण की व्यवस्था है। वर्तमान समय में आरक्षण कुछ स्थानों पर समाप्त कर दिया गया। अन्य स्थानों पर हटाने की साजिश की जा रही है। इससे दलित, अति पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग लगातार पिछड़ता जा रहा है। इस अवसर पर सैदपुर विधान परिषद अध्यक्ष अजय कुशवाहा, प्रमोद कुशवाहा, अशोक मौर्य, सूरज मौर्य, रविप्रकाश मौर्य, नीरज आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन