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बाजी किसके हाथ लगेगी कहना मुश्किल
Updated Sat, 25 Nov 2017 11:22 PM IST
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कासिमाबाद। नगर पंचायत बहादुरगंज के नगर निकाय का चुनाव समाप्त होने के तीन दिन बाद भी अध्यक्ष पद से लेकर सभासद तक के समर्थक अभी भी हार नहीं मान रहे हैं। अपने-अपने उम्मीदवारों का अपने-अपने तरीके से लोग जीत का दावा कर रहे हैं। चुनाव समाप्त होने के बाद हर जगह-जगह जीत-हार की ही चर्चा है।
मालूम हो कि यहां पर बहुजन समाज पार्टी से तीन बार से अध्यक्ष रहे रियाज अंसारी की पत्नी निकहत परवीन चुनाव लड़ी हैं। समाजवादी पार्टी से मुहम्मद जकारिया की पत्नी तसरीफुल निशा, भाजपा के समर्थन से निर्दलीय अरविंद प्रजापति की पत्नी सोनी प्रजापति, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से अब्दुल्ला राईनी की पत्नी तथा पूर्व अध्यक्ष आमेना बेगम और निर्दलीय सोनी वर्मा ने चुनाव में ताल ठोंकी। इस चुनाव में लड़ाई को अंतिम समय तक चतुष्कोणीय बनाने का भरपूर प्रयास किया गया। यही कारण है कि यहां पर किसके हाथ बाजी लगेगी कहना मुश्किल हो गया है। सारे समर्थक अपने-अपने उम्मीदवारों का अपने-अपने तरीके से पक्ष रखकर जीत का दावा कर रहे हैं। हार-जीत का आंकलन करना थोड़ा कठिन हो गया है। कुछ लोगों का कहना है कि तलवार पुरानी म्यान में ही रहेगी तो कुछ लोग कह रहे हैं कि इस बार परिवर्तन हो गया है सिर्फ परिणाम आना बाकी है। परिवर्तन की बात सबसे ज्यादा सुभासपा प्रत्याशी के समर्थक कर रहे हैं। वहीं भाजपा उम्मीदवार के साथ सपा भी अपने को इस लड़ाई में पीछे नहीं मान रही है। इस नगर पंचायत का परिणाम चाहे जो हो चाय-पान की दूकानों पर चुनाव की चर्चा और जीत हार को लेकर लोग सुबह से देर रात तक बहस करते दिख रहे हैं।
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मालूम हो कि यहां पर बहुजन समाज पार्टी से तीन बार से अध्यक्ष रहे रियाज अंसारी की पत्नी निकहत परवीन चुनाव लड़ी हैं। समाजवादी पार्टी से मुहम्मद जकारिया की पत्नी तसरीफुल निशा, भाजपा के समर्थन से निर्दलीय अरविंद प्रजापति की पत्नी सोनी प्रजापति, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से अब्दुल्ला राईनी की पत्नी तथा पूर्व अध्यक्ष आमेना बेगम और निर्दलीय सोनी वर्मा ने चुनाव में ताल ठोंकी। इस चुनाव में लड़ाई को अंतिम समय तक चतुष्कोणीय बनाने का भरपूर प्रयास किया गया। यही कारण है कि यहां पर किसके हाथ बाजी लगेगी कहना मुश्किल हो गया है। सारे समर्थक अपने-अपने उम्मीदवारों का अपने-अपने तरीके से पक्ष रखकर जीत का दावा कर रहे हैं। हार-जीत का आंकलन करना थोड़ा कठिन हो गया है। कुछ लोगों का कहना है कि तलवार पुरानी म्यान में ही रहेगी तो कुछ लोग कह रहे हैं कि इस बार परिवर्तन हो गया है सिर्फ परिणाम आना बाकी है। परिवर्तन की बात सबसे ज्यादा सुभासपा प्रत्याशी के समर्थक कर रहे हैं। वहीं भाजपा उम्मीदवार के साथ सपा भी अपने को इस लड़ाई में पीछे नहीं मान रही है। इस नगर पंचायत का परिणाम चाहे जो हो चाय-पान की दूकानों पर चुनाव की चर्चा और जीत हार को लेकर लोग सुबह से देर रात तक बहस करते दिख रहे हैं।
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