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Ghazipur News: 14 आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने दिया इस्तीफा, जिम्मेदार हैरान

Sat, 08 Aug 2026 12:04 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 12:04 AM IST
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14 Anganwadi helpers resign; officials taken aback.
गाजीपुर। आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती इन दिनों किसी न किसी वजह से सुर्खियों में है। एक ओर आंगनबाड़ी सहायिका की नौकरी पाने के लिए कई तरह से जुगाड़ लगाने के मामले प्रकाश में आ चुके हैं तो दूसरी तरफ बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में 14 इस्तीफों की झड़ी ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।
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शहर, सादात व जमानिया क्षेत्र में चयनित आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने अपना इस्तीफा विभाग को सौंपा है। इतनी अधिक संख्या में इस्तीफा आने के बाद विभाग के जिम्मेदार भी हैरान हैं। दरअसल, चयन होने के बाद जब कार्य की जिम्मेदारी मिली तो इन आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने इस्तीफा देना बेहतर समझा। जिन आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने खुद के शिक्षित होने के बाद भी सफाई व बच्चों की देखभाल के कार्य को खुद के योग्य नहीं समझा तो उनका इस नौकरी से मोहभंग हो गया। दूसरी तरफ 14 इस्तीफे आने के बाद विभाग के सामने चुनौती बढ़ गई है। विभाग को यह समझ में नहीं आ रहा है कि जिन क्षेत्रों से इस्तीफे आए हैं, वहां बेहतर ढंग से आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन कैसे किया जाए। फिलहाल विभाग इस्तीफे के मुद्दे पर कागजी प्रक्रिया में जुट गया है।
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उधर, इस्तीफा के मामले में बाल विकास परियोजना जमानिया में सास-बहू का एक मामला प्रकाश में आया है। यहां एक आवेदक का आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर चयन हो गया, लेकिन इससे पहले से उनकी सास भी बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में कार्यरत थीं। जब उन्हें पता चला कि एक ही विभाग में सास-बहू की नौकरी से नियमों के जद में आने से कार्रवाई की तलवार लटक सकती है तो उन्होंने इस्तीफा देना बेहतर समझा।
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उधर, कुल 1352 पदों पर हुई आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया की दो तस्वीरें सामने आ रही हैं। एक ओर जहां इस नौकरी से मोहभंग होने का ताजा मामला प्रकाश में आया है तो दूसरी तरफ ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने नियमों की अनदेखी करने में कोई कोताही नहीं बरती। नौकरी पाने के लिए फर्जी आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र तैयार करवा लिए गए। किसी के ऊपर पैसे लेने के आरोप लगे तो किसी ने धन उगाही के चक्कर में नियमों को ताक पर रखते हुए दूसरे गांव में ही चयन कर दिया। प्रभारी डीपीओ संजय सोनी का कहना है कि इस्तीफे के संबंध में पत्र मिले हैं। उनका अनुमोदन कराने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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