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बालिकाओं की शिक्षा के साथ ही रहन-सहन में भी हो सुधार
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गाजीपुर। शहर के आदर्श बौद्ध इंटर कालेज छावनी लाइन में चल रहे मीना मंच के सुगमकर्ताओं के छह दिवसीय प्रशिक्षण का समापन सोमवार को हुआ। इसमें जिले भर के सभी ब्लाकों से करीब सौ सुगमकर्ताओं ने भाग लिया। इसमें छात्र-छात्राओं की समस्याओं को किस प्रकार से दूर कराएं, इस बारे में विस्तार से बताया गया। परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं में शिक्षा के साथ ही रहन-सहन और दैनिक जीवन में सुधार के लिए पूरा प्रयास किया जाए। खासकर छात्राओं के सर्वांगीण विकास का प्रयास करना चाहिए। उसकी समस्याओं के समाधान के लिए सुगमकर्ताओं को समझा-बुझाकर त्वरित निर्णय लिया जाना चाहिए।
प्रशिक्षणकर्ता सुप्रिया जायसवाल ने बताया कि किशोर अवस्था के बच्चों में विकास क्रम के तहत कई प्रकार की समस्याएं आती हैं। इसमें पारिवारिक, सामाजिक तथा कुछ समस्याएं व्यक्तिगत भी होती हैं। इन समस्याओं को सहजता से किस प्रकार दूर किया जाए, यही सुगमकर्ताओं का काम है। वह अपने विवेक के आधार पर ही समस्याओं को सुलझा दें। स्कूलों के छात्र-छात्राओं के जीवन कौशल को आगे बढ़ाने में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि ग्रामीण स्तर के स्कूलों की छात्राओं में भी जागरूकता आ रही है। साफ-सफाई के साथ ही जीवन के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की जा रही है। यह प्रशिक्षण पहली अप्रैल तक चलेगा। इस मौके पर शीला सिंह, रितेश सिंह, अंशू यादव, एएन द्विवेदी आदि उपस्थित थे।
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प्रशिक्षणकर्ता सुप्रिया जायसवाल ने बताया कि किशोर अवस्था के बच्चों में विकास क्रम के तहत कई प्रकार की समस्याएं आती हैं। इसमें पारिवारिक, सामाजिक तथा कुछ समस्याएं व्यक्तिगत भी होती हैं। इन समस्याओं को सहजता से किस प्रकार दूर किया जाए, यही सुगमकर्ताओं का काम है। वह अपने विवेक के आधार पर ही समस्याओं को सुलझा दें। स्कूलों के छात्र-छात्राओं के जीवन कौशल को आगे बढ़ाने में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि ग्रामीण स्तर के स्कूलों की छात्राओं में भी जागरूकता आ रही है। साफ-सफाई के साथ ही जीवन के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की जा रही है। यह प्रशिक्षण पहली अप्रैल तक चलेगा। इस मौके पर शीला सिंह, रितेश सिंह, अंशू यादव, एएन द्विवेदी आदि उपस्थित थे।
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