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बूंदा-बांदी से बदला मौसम का मिजाज
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गाजीपुर। मौसम के मिजाज में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। इसी क्रम में रविवार को एक बार फिर से मौसम का मिजाज बदल गया। अचानक दोपहर में बदली छा गई और तेज हवा चलने लगी। इससे सर्दी में कुछ इजाफा हो गया। देर शाम करीब सात बजे शहर के साथ ही कई ग्रामीण क्षेत्रों में बूंदा-बांदी होने से सर्दी बढ़ गई। मौसम के रुख को देख लोगों में यह चर्चा होने लगी कि लगता है कि फिर मौसम खराब होगा।
जनवरी माह की शुरुआत से ही मौसम के उतार-चढ़ाव का क्रम शुरु हो गया था। यह क्रम फरवरी माह में भी जारी रहा। इस बीच कई बार बारिश होने के साथ ही ओला भी पड़े। करीब पांच दिनों से तीखी धूप निकल रही थी, जिससे ठंड का प्रभाव काफी हद तक कम हो गया था। आलम यह हो गया था कि काफी देर की कौन कहे, कुछ देर भी धूप में रहना लोगों के लिए संभव नहीं हो पा रहा था। उलझन के बीच पसीना निकलने लग रहा था। अच्छी धूप की वजह से सर्दी में कमी आने से लोगों ने शरीर से गरम कपड़ों का बोझ कम कर दिया था। दोपहर में अधिकांश लोगों ने पंखा चलाना शुरु कर दिया था। मौसम के इस रुख को देख लोग यह कयास लगाने लगे थे कि लगता है कि अब सर्दी पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी और होली तक भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। बीते दिनों की तरह रविवार की सुबह भी तीखी धूप निकली, लेकिन इसी बीच दिन में दो बजे के बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और बदली के बीच तेज हवा चलने लगी। इससे गलन के साथ ही सर्दी में कुछ इजाफा हो गया। देर शाम करीब सात बजे शहर के साथ ही कई ग्रामीण क्षेत्रों में बूंदा-बांदी शुरु हो गई, जो करीब दस मिनट तक जारी रही। बूंदा-बांदी से ठंड में इजाफा हो गया। खराब मौसम को लेकर एक फिर से लोगों में यह चर्चा होती रही कि लगता है कि फिर मौसम का मिजाज गड़बड़ होगा।
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जनवरी माह की शुरुआत से ही मौसम के उतार-चढ़ाव का क्रम शुरु हो गया था। यह क्रम फरवरी माह में भी जारी रहा। इस बीच कई बार बारिश होने के साथ ही ओला भी पड़े। करीब पांच दिनों से तीखी धूप निकल रही थी, जिससे ठंड का प्रभाव काफी हद तक कम हो गया था। आलम यह हो गया था कि काफी देर की कौन कहे, कुछ देर भी धूप में रहना लोगों के लिए संभव नहीं हो पा रहा था। उलझन के बीच पसीना निकलने लग रहा था। अच्छी धूप की वजह से सर्दी में कमी आने से लोगों ने शरीर से गरम कपड़ों का बोझ कम कर दिया था। दोपहर में अधिकांश लोगों ने पंखा चलाना शुरु कर दिया था। मौसम के इस रुख को देख लोग यह कयास लगाने लगे थे कि लगता है कि अब सर्दी पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी और होली तक भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। बीते दिनों की तरह रविवार की सुबह भी तीखी धूप निकली, लेकिन इसी बीच दिन में दो बजे के बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और बदली के बीच तेज हवा चलने लगी। इससे गलन के साथ ही सर्दी में कुछ इजाफा हो गया। देर शाम करीब सात बजे शहर के साथ ही कई ग्रामीण क्षेत्रों में बूंदा-बांदी शुरु हो गई, जो करीब दस मिनट तक जारी रही। बूंदा-बांदी से ठंड में इजाफा हो गया। खराब मौसम को लेकर एक फिर से लोगों में यह चर्चा होती रही कि लगता है कि फिर मौसम का मिजाज गड़बड़ होगा।
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