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किसानों की बेशकीमती जमीन पर हो रहा जबरिया अधिग्रहण
Updated Sat, 13 Oct 2018 10:48 PM IST
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सुहवल। भूमि अधिग्रहण और सर्किल रेट में असमानता को लेकर अखिल भारतीय किसान महासभा एवं रेल प्रभावित किसान संघर्ष समिति ने आस्तीन चढ़ा ली है। शनिवार को मेदिनीपुर, सुहवल, रमवल, सोनवल आदि गांव में किसान जागरण यत्रा निकाली गई। इस बीच किसानों से 15 अक्तूबर को जिला मुख्यालय स्थित सरजू पांडेय पार्क में एकत्रित होकर अपनी ताकत का अहसास कराने का आह्वान किया गया।
सभा में अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव ईश्वरी प्रसाद कुश्वाहा ने कहा कि सरकार किसानों की बेशकीमती जमीन कानून को ताक पर रख जबरन अधिग्रहण कर रही है। कहा कि रेल परियोजना के विरोध में नहीं हैं, लेकिन प्रभावित किसानों को उनका उचित मुआवजा हर हाल में देना होगा। अन्यथा जागरण यात्रा निकालने के बाद आंदोलन को धार देने का काम करेंगे। कहा कि प्रशासन किसानों को नोटिस लेने के लिए दबाव बना रहा है, जिसे हरगिज स्वीकार नहीं करेंगे। किसानों को भूमि के मुआवजे का रेट नहीं बताया जा रहा है। 2013 के भूमि अधिकार कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। आह्वान किया गया कि किसान 15 अक्तूबर को सरजू पांडेय पार्क में उपस्थित होकर अपनी ताकत का अहसास कराएं। रेल प्रभावित किसान संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष चंद्रिका कुशवाहा ने कहा कि किसानों एवं भू-स्वामियों को धोखे में रखकर भूमि अधिग्रहण कर लिया गया। जब तक रेट में समानता, पारदर्शिता नहीं होगी तब तक किसान चुप नहीं बैठेंगे। प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि 2015 के बाद सर्किल रेट अधिग्रहण के इलाके में रिवाइज ही नहीं हुआ है। विजय बहादुर सिंह ने कहा कि प्रशासन अपने तानाशाही में बदलाव लाए। इस मौके पर गुलाब सिंह, धर्मेंद्र सिंह, मटऊ सिंह, मोती, भीष्म, राजदेव, निराला, मिथिलेश सिंह. लालबहादुर सिंह आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता श्रीप्रकाश मिश्रा एवं संचालन मटऊ सिंह ने किया।
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सभा में अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव ईश्वरी प्रसाद कुश्वाहा ने कहा कि सरकार किसानों की बेशकीमती जमीन कानून को ताक पर रख जबरन अधिग्रहण कर रही है। कहा कि रेल परियोजना के विरोध में नहीं हैं, लेकिन प्रभावित किसानों को उनका उचित मुआवजा हर हाल में देना होगा। अन्यथा जागरण यात्रा निकालने के बाद आंदोलन को धार देने का काम करेंगे। कहा कि प्रशासन किसानों को नोटिस लेने के लिए दबाव बना रहा है, जिसे हरगिज स्वीकार नहीं करेंगे। किसानों को भूमि के मुआवजे का रेट नहीं बताया जा रहा है। 2013 के भूमि अधिकार कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। आह्वान किया गया कि किसान 15 अक्तूबर को सरजू पांडेय पार्क में उपस्थित होकर अपनी ताकत का अहसास कराएं। रेल प्रभावित किसान संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष चंद्रिका कुशवाहा ने कहा कि किसानों एवं भू-स्वामियों को धोखे में रखकर भूमि अधिग्रहण कर लिया गया। जब तक रेट में समानता, पारदर्शिता नहीं होगी तब तक किसान चुप नहीं बैठेंगे। प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि 2015 के बाद सर्किल रेट अधिग्रहण के इलाके में रिवाइज ही नहीं हुआ है। विजय बहादुर सिंह ने कहा कि प्रशासन अपने तानाशाही में बदलाव लाए। इस मौके पर गुलाब सिंह, धर्मेंद्र सिंह, मटऊ सिंह, मोती, भीष्म, राजदेव, निराला, मिथिलेश सिंह. लालबहादुर सिंह आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता श्रीप्रकाश मिश्रा एवं संचालन मटऊ सिंह ने किया।
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