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तैंतीस कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने पर आयुक्त ने दिया कार्रवाई का निर्देश
Updated Tue, 14 Aug 2018 11:56 PM IST
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गाजीपुर। परिवहन आयुक्त पी गुरुप्रसाद ने मंगलवार को समाज कल्याण विभाग, बेसिक शिक्षा कार्यालय विकास भवन एवं महुआबाग तथा 200 बेड के जिला चिकित्सालय का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विकास भवन में 33 कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई का निर्देश दिया। विकास भवन में शौचालय एंव बेसिक शिक्षा कार्यालय महुआबाग के कक्ष में गंदगी पाए जाने पर उनकी त्योरी चढ़ गई। उन्होंने साफ-सफाई का निर्देश दिया।
उन्होंने कार्यालय समाज कल्याण एवं बेसिक शिक्षा में निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका, पेंशन पत्रावली, शादी अनुदान, वृद्धा, विकलांग पेंशन की फाइलें चेक किया। पेंशन स्वीकृत में पेंडिंग फाइलों का निस्तारण करने का निर्देश दिया। सरकारी योजनाओं में चयनित पात्र एवं अपात्र व्यक्तियों की सूची देखी और जो सर्वे के दौरान अपात्र हुए हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सामूहिक विवाह योजना में कराये गये सामूहिक विवाह एवं प्राप्त होने वाली धनराशि की जानकारी ली। कार्यालय में पटलों पर लगे कर्मचारियों की आलमारी में फाइलों को व्यवस्थित ढंग से रखने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान परिवहन आयुक्त ने बेसिक शिक्षा कार्यालय में विद्यालयों में बंटने वाले यूनिफार्म, बैग, जूता, मोजा, किताबों के वितरण की स्थिति जानी। बताया गया कि कुछ कक्षा की पुस्तकें अभी प्राप्त नहीं हुई। इस पर आयुक्त ने जिस संस्था द्वारा पुस्तकें सप्लाई की जाती हैं उसके विरुद्ध शासन को पत्र प्रेषित करने को कहा। बीआरसी के चयन तथा उनके द्वारा चेकिंग के दौरान पढाई के तरीकों में प्राप्त शिकायतों के विषय में बेसिक शिक्षा अधिकारी से जानकारी ली। जिला चिकित्सालय गोराबाजार के निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सालय में मरीज पंजीकरण कक्ष के खुलने एवं बंद होने के समय की जानकारी, उपस्थिति पंजिका, निर्माणाधीन डिजिटल एक्स-रे रूम, अल्ट्रासाउंड कक्ष, एक्स-रे कक्ष, डार्क रूम, सिटी स्कैन कक्ष, इमरजेंसी वार्ड एवं कक्ष, जन औषधि कक्ष में दवा का स्टाक, प्लास्टर कक्ष, माइनर ओटी, एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र), सर्जिकल वार्ड का निरीक्षण किया। चिकित्सालय में मुख्य समस्या आर्थोपेडिक, फिजीशियन एवं सर्जन की तैनाती न होने की शिकायत की गई जिस पर उन्होंने मुख्य सचिव स्वास्थ्य से अनुरोध कर इनकी तैनाती कराने का भरोसा दिलाया। एक माह से रखी डिजिटल एक्स-रे मशीन को दस दिनों के भीतर कक्ष की फिनिशिंग कराते हुए चालू कराने का निर्देश मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के बालाजी, मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीराम यादव, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जीसी मौर्या, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी नरेंद्र विश्वकर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार, अपर जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार एवं अन्य जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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उन्होंने कार्यालय समाज कल्याण एवं बेसिक शिक्षा में निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका, पेंशन पत्रावली, शादी अनुदान, वृद्धा, विकलांग पेंशन की फाइलें चेक किया। पेंशन स्वीकृत में पेंडिंग फाइलों का निस्तारण करने का निर्देश दिया। सरकारी योजनाओं में चयनित पात्र एवं अपात्र व्यक्तियों की सूची देखी और जो सर्वे के दौरान अपात्र हुए हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सामूहिक विवाह योजना में कराये गये सामूहिक विवाह एवं प्राप्त होने वाली धनराशि की जानकारी ली। कार्यालय में पटलों पर लगे कर्मचारियों की आलमारी में फाइलों को व्यवस्थित ढंग से रखने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान परिवहन आयुक्त ने बेसिक शिक्षा कार्यालय में विद्यालयों में बंटने वाले यूनिफार्म, बैग, जूता, मोजा, किताबों के वितरण की स्थिति जानी। बताया गया कि कुछ कक्षा की पुस्तकें अभी प्राप्त नहीं हुई। इस पर आयुक्त ने जिस संस्था द्वारा पुस्तकें सप्लाई की जाती हैं उसके विरुद्ध शासन को पत्र प्रेषित करने को कहा। बीआरसी के चयन तथा उनके द्वारा चेकिंग के दौरान पढाई के तरीकों में प्राप्त शिकायतों के विषय में बेसिक शिक्षा अधिकारी से जानकारी ली। जिला चिकित्सालय गोराबाजार के निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सालय में मरीज पंजीकरण कक्ष के खुलने एवं बंद होने के समय की जानकारी, उपस्थिति पंजिका, निर्माणाधीन डिजिटल एक्स-रे रूम, अल्ट्रासाउंड कक्ष, एक्स-रे कक्ष, डार्क रूम, सिटी स्कैन कक्ष, इमरजेंसी वार्ड एवं कक्ष, जन औषधि कक्ष में दवा का स्टाक, प्लास्टर कक्ष, माइनर ओटी, एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र), सर्जिकल वार्ड का निरीक्षण किया। चिकित्सालय में मुख्य समस्या आर्थोपेडिक, फिजीशियन एवं सर्जन की तैनाती न होने की शिकायत की गई जिस पर उन्होंने मुख्य सचिव स्वास्थ्य से अनुरोध कर इनकी तैनाती कराने का भरोसा दिलाया। एक माह से रखी डिजिटल एक्स-रे मशीन को दस दिनों के भीतर कक्ष की फिनिशिंग कराते हुए चालू कराने का निर्देश मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के बालाजी, मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीराम यादव, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जीसी मौर्या, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी नरेंद्र विश्वकर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार, अपर जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार एवं अन्य जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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