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मिर्गी के 200 मरीजों ने कराया इलाज
Updated Mon, 08 Jan 2018 12:17 AM IST
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जिले में आई लाइफ लाइन एक्सप्रेस से अभी तक विभिन्न रोगों के करीब सात हजार मरीजों ने अपना इलाज कराया है। अभी तक कटे-फटे ओंठ और जलने के बाद संकुचन के आठ मरीजों की सर्जरी चिकित्सकों की ओर से की जा चुकी है। जबकि 11 मरीजों को नि:शुल्क सर्जरी के लिए वाराणसी रेफर किया गया है। इसके साथ ही कैंसर के 5 मरीजों का आपरेशन नामचीन चिकित्सक की तरफ से किया गया है। रविवार को करीब 200 मिर्गी के मरीजों का परीक्षण करने के साथ इलाज भी किया गया।
बीते 24 दिसंबर को लाइफ-लाइन एक्सप्रेस के चिकित्सकों की ओर से कैंसर के मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया था। इस दौरान करीब एक हजार से ऊपर मरीजों ने अपनी जांच और इलाज कराया। इसमें से चयनित 5 मरीजों का आपरेशन टाटा मेमोरियल अस्पताल के कैंसर चिकित्सक डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने किया। बीते 5 और 6 जनवरी को कटे-फटे होंठ और जलने के बाद संकुचन के 220 मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। इसमें से चयनित मरीजों में 8 की चिकित्सकों ने सर्जरी की। जबकि 11 मरीजों को सर्जरी के लिए वाराणसी रेफर कर दिया गया। साथ ही मिर्गी के करीब 200 लोगों ने अपना पंजीकरण कराने के साथ इलाज कराया। इस संबंध में एक्सप्रेस के प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर डॉ. याज्ञिक ने बताया कि अभी तक विभिन्न रोगों के सात हजार मरीजों को इलाज किया जा चुका है।
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बीते 24 दिसंबर को लाइफ-लाइन एक्सप्रेस के चिकित्सकों की ओर से कैंसर के मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया था। इस दौरान करीब एक हजार से ऊपर मरीजों ने अपनी जांच और इलाज कराया। इसमें से चयनित 5 मरीजों का आपरेशन टाटा मेमोरियल अस्पताल के कैंसर चिकित्सक डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने किया। बीते 5 और 6 जनवरी को कटे-फटे होंठ और जलने के बाद संकुचन के 220 मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। इसमें से चयनित मरीजों में 8 की चिकित्सकों ने सर्जरी की। जबकि 11 मरीजों को सर्जरी के लिए वाराणसी रेफर कर दिया गया। साथ ही मिर्गी के करीब 200 लोगों ने अपना पंजीकरण कराने के साथ इलाज कराया। इस संबंध में एक्सप्रेस के प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर डॉ. याज्ञिक ने बताया कि अभी तक विभिन्न रोगों के सात हजार मरीजों को इलाज किया जा चुका है।
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