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समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रखते थे जमुना सिंह
Updated Wed, 30 Aug 2017 06:07 PM IST
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कासिमाबाद। क्षेत्र के मशहूर पहलवान, समाजसेवी एवं शिक्षक जमुना सिंह की 37वीं पुण्यतिथि ज्येष्ठ पुत्र पूर्व ब्लाक प्रमुख जयप्रकाश सिंह के आवास पर मंगलवार को मनाई गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि जमुना सिंह समाज के अंतिम व्यक्ति तक अपनी पहुंच रखते थे। उन्होंने नि:स्वार्थ भाव से समाजसेवा करने का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि जमुना सिंह की सोच समाजसेवा की थी। वह अपने लिए नहीं, दूसरों के लिए जीते थे। अपनी परेशानियों की परवाह किए बगैर, दूसरों की समस्याओं को दूर करने की सोच रखते थे। वह अपने मन में यह भाव रखते थे कि उनकी वजह से किसी को दुख न पहुंचे। उन्होंने जीवन पर्यंत समाजसेवा में अपने को समर्पित रखा। एक सरकारी शिक्षक रहते हुए मशहूर पहलवान भी रहे। अंत में कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस अवसर पर पूर्व ब्लाक प्रमुख जयप्रकाश सिंह, देवेंद्र सिंह, सुनील कुमार मिश्रा, हरिराम, इकबाल अहमद, उदय नारायण सिंह, शेषनाथ दुबे, राजेश कुमार सिंह, झुन्नू सिंह, अजीत सिंह, शंकर चौरसिया, अनिल सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए। पुण्यतिथि के इस अवसर पर कासिमाबाद की सभी दूकानें दोपहर तक बंद रहीं।
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उन्होंने कहा कि जमुना सिंह की सोच समाजसेवा की थी। वह अपने लिए नहीं, दूसरों के लिए जीते थे। अपनी परेशानियों की परवाह किए बगैर, दूसरों की समस्याओं को दूर करने की सोच रखते थे। वह अपने मन में यह भाव रखते थे कि उनकी वजह से किसी को दुख न पहुंचे। उन्होंने जीवन पर्यंत समाजसेवा में अपने को समर्पित रखा। एक सरकारी शिक्षक रहते हुए मशहूर पहलवान भी रहे। अंत में कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस अवसर पर पूर्व ब्लाक प्रमुख जयप्रकाश सिंह, देवेंद्र सिंह, सुनील कुमार मिश्रा, हरिराम, इकबाल अहमद, उदय नारायण सिंह, शेषनाथ दुबे, राजेश कुमार सिंह, झुन्नू सिंह, अजीत सिंह, शंकर चौरसिया, अनिल सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए। पुण्यतिथि के इस अवसर पर कासिमाबाद की सभी दूकानें दोपहर तक बंद रहीं।
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