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शाहनिंद पीर की मजार पर मत्था टेककर दुआ मांगी
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मुहम्मदाबाद(गाजीपुर)। नगर के शाहनिंदा स्थित हजरत शाहनिंद पीर गाजी रहमतुल्लाह अलैह का 719 वां सालाना उर्स मंगलवार को पूरे अकीदत के साथ मनाया गया। उर्स में जिले के अलावा आसपास के कई जिलों के जायरीनों ने आकर शाहनिंद पीर की मजार पर मत्था टेक कर दुआ मांगी।
हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक हजरत शाहनिंद पीर गाजी रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स शाहनिंदा स्थित उनकी मजार पर मनाया गया। उर्स के मौके पर गाजीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ, वाराणसी, बक्सर आदि जिलों के जायरीनों ने पहुंच कर बाबा की मजार पर मत्था टेक कर दुआएं मांगी। दिन भर चलने वाले उर्स में बड़ी संख्या में महिलाएं एवं बच्चे भी शामिल हुए। इस अवसर पर मेला लगा जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं एवं बच्चों ने खरीददारी की। सुबह में कुरानख्वानी के साथ उर्स शुरू हुआ। दोपहर में मिलादुन्नबी, कव्वाली एवं शाम को चादरपोशी का कार्यक्रम हुआ। उर्स के मौके पर एक दिन पहले से लंगर का भी आयोजन किया गया। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से मजार पर जो मन्नत मांगी जाती है वह अवश्य पूरी होती है। उर्स को संपन्न कराने में नपा चेयरमैन शमीम अहमद, जीमल अहमद उर्फ जुल्लू खां, मुस्तफा, कुरबान राईनी, वकार अहमद आदि पूरे मनोयोग से जुटे रहे।
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हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक हजरत शाहनिंद पीर गाजी रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स शाहनिंदा स्थित उनकी मजार पर मनाया गया। उर्स के मौके पर गाजीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ, वाराणसी, बक्सर आदि जिलों के जायरीनों ने पहुंच कर बाबा की मजार पर मत्था टेक कर दुआएं मांगी। दिन भर चलने वाले उर्स में बड़ी संख्या में महिलाएं एवं बच्चे भी शामिल हुए। इस अवसर पर मेला लगा जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं एवं बच्चों ने खरीददारी की। सुबह में कुरानख्वानी के साथ उर्स शुरू हुआ। दोपहर में मिलादुन्नबी, कव्वाली एवं शाम को चादरपोशी का कार्यक्रम हुआ। उर्स के मौके पर एक दिन पहले से लंगर का भी आयोजन किया गया। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से मजार पर जो मन्नत मांगी जाती है वह अवश्य पूरी होती है। उर्स को संपन्न कराने में नपा चेयरमैन शमीम अहमद, जीमल अहमद उर्फ जुल्लू खां, मुस्तफा, कुरबान राईनी, वकार अहमद आदि पूरे मनोयोग से जुटे रहे।
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