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धरना-प्रदर्शन की रणनीति तैयार की
Updated Mon, 24 Sep 2018 11:16 PM IST
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जमानिया। क्षेत्र के भुवालचक गांव में रविवार की शाम स्थानीय एवं सेवराई तहसील के वित्तविहीन शिक्षक संघ के सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षकों की मांगों पर विचार किया गया। सम्मेलन मेें 24 अक्तूबर को होने वाले धरना-प्रदर्शन की रणनीति तैयार की गई।
सम्मेलन की शुरुआत स्कूली बच्चों के स्वागत गान और सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुई। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष श्यामबिहारी लाल यादव ने कहा कि वित्त विहीन शिक्षकों को मिलने वाला मानदेय मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूरों से भी कम है। देश के विकास में शिक्षा का अहम योगदान है और अगर शिक्षक ही उपेक्षित रहेगा तो शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने की सरकार की मंशा कभी पूरा नहीं हो सकती। शिक्षकों को एक हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा था जिसे प्रदेश की सरकार ने समाप्त कर दिया । इससे शिक्षकों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। सरकार से अपनी बात मनवाने के लिए हम शिक्षकों को एकजुट होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि संघर्ष से ही अलख जलती है और इस संघर्ष की तारीख प्रत्येक जिले में 24 अक्तूबर रखी गई है। इस अवसर पर रामप्यारे यादव, अजीमुलहक अंसारी, सीताराम यादव, सुदामा यादव, श्यामलाल कुशवाहा, गिरीशचंद्र मिश्रा, जियारत हुसैन, सतीशचंद्र यादव आदि उपस्थित थे। संचालन राजकुमार यादव ने किया।
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सम्मेलन की शुरुआत स्कूली बच्चों के स्वागत गान और सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुई। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष श्यामबिहारी लाल यादव ने कहा कि वित्त विहीन शिक्षकों को मिलने वाला मानदेय मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूरों से भी कम है। देश के विकास में शिक्षा का अहम योगदान है और अगर शिक्षक ही उपेक्षित रहेगा तो शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने की सरकार की मंशा कभी पूरा नहीं हो सकती। शिक्षकों को एक हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा था जिसे प्रदेश की सरकार ने समाप्त कर दिया । इससे शिक्षकों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। सरकार से अपनी बात मनवाने के लिए हम शिक्षकों को एकजुट होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि संघर्ष से ही अलख जलती है और इस संघर्ष की तारीख प्रत्येक जिले में 24 अक्तूबर रखी गई है। इस अवसर पर रामप्यारे यादव, अजीमुलहक अंसारी, सीताराम यादव, सुदामा यादव, श्यामलाल कुशवाहा, गिरीशचंद्र मिश्रा, जियारत हुसैन, सतीशचंद्र यादव आदि उपस्थित थे। संचालन राजकुमार यादव ने किया।
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