{"_id":"5970eb234f1c1bec7a8b46b2","slug":"11500572451-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संदिग्ध परिस्थितियों में किशोरी की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संदिग्ध परिस्थितियों में किशोरी की मौत
Updated Thu, 20 Jul 2017 11:10 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुहवल। थाना क्षेत्र के सोनवल गांव में गुुरुवार को एक किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार वालों ने पुलिस को घटना की सूचना दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। किशोरी की मौत हो लेकर गांव में पूरे दिन चर्चा होती रही।
सोनवल निवासी शिवकुमार कन्नौजिया की पुत्री संजना उर्फ सोनी (12) अपने घर में काम कर रही थी। काम निपटाने के बाद किशोरी स्नान करने के लिए घर के अंदर रखे अपने कपड़े निकालने के लिए गई। काफी देर बाद जब वह बाहर नहीं आई तो उसकी मां पार्वती देवी ने कई बार उसे आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। परिजन दौड़कर जब कमरे में गए तो देखा की किशोरी बेहोशी की हालत में पड़ी है और उसके मुंह से झाग एवं हाथों से खून निकल रहा है। यह देख परिजन चिल्लाने लगे। आवाज सुनकर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। परिजन ग्रामीणों की मदद से उसे उपचार के लिए गांव के ही एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए। जहां उसकी हालत गंभीर होता देख चिकित्सक ने अन्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन उसे अस्पताल न लाकर झाड़ फूंक के लिए निजी वाहन से अमवा की सतीमाई घाम लेकर चले गए। जहां पहुंचने पर किशोरी की मौत हो गई। शव आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से किशोरी का अंतिम संस्कार कर दिया।
विज्ञापन
सोनवल निवासी शिवकुमार कन्नौजिया की पुत्री संजना उर्फ सोनी (12) अपने घर में काम कर रही थी। काम निपटाने के बाद किशोरी स्नान करने के लिए घर के अंदर रखे अपने कपड़े निकालने के लिए गई। काफी देर बाद जब वह बाहर नहीं आई तो उसकी मां पार्वती देवी ने कई बार उसे आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। परिजन दौड़कर जब कमरे में गए तो देखा की किशोरी बेहोशी की हालत में पड़ी है और उसके मुंह से झाग एवं हाथों से खून निकल रहा है। यह देख परिजन चिल्लाने लगे। आवाज सुनकर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। परिजन ग्रामीणों की मदद से उसे उपचार के लिए गांव के ही एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए। जहां उसकी हालत गंभीर होता देख चिकित्सक ने अन्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन उसे अस्पताल न लाकर झाड़ फूंक के लिए निजी वाहन से अमवा की सतीमाई घाम लेकर चले गए। जहां पहुंचने पर किशोरी की मौत हो गई। शव आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से किशोरी का अंतिम संस्कार कर दिया।
विज्ञापन