{"_id":"681faa46eea7ac5ea00bf5ff","slug":"113-lakh-cases-settled-through-compromise-in-national-lok-adalat-ghazipur-news-c-313-1-gzp1001-132452-2025-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.13 लाख वादों का सुलह-समझौते से निस्तारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.13 लाख वादों का सुलह-समझौते से निस्तारण
विज्ञापन
गाजीपुर। जनपद न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1 लाख 27 हजार 39 मामले तय किए गए थे। सुलह-समझौते के आधार पर एक लाख 13 हजार 387 वाद का निस्तारण किया गया। राजस्व, विभिन्न न्यायालयों, बैंक और अन्य विभागों के 86 हजार 171 मामले निस्तारित किए गए। परिवार न्यायालय की ओर से छह और सुलह समझौते के आधार पर एक विवाहित जोड़े की विदाई कराई गई।
इसके पहले प्रशासनिक न्यायमूर्ति विवेक वर्मा ने राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत से जहां एक ओर समय की बचत होती है, वहीं लंबे समय से लम्बित मामलों के त्वरित निस्तारण का यह महत्वपूर्ण साधन है। जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की ओर से लोक अदालत की सफलता के लिए अधिकारियों को अधिक से अधिक निस्तारण के लिए आह्वान किया गया। नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत शक्ति सिंह अपर जिला जज कोर्ट संख्या-1 ने कहा कि ऐसे छोटे प्रकरण, जिसमें अनावश्यक मुकदमेबाजी के कारण पक्षकारों के मध्य वैमन्यस्ता रहती है, उसे समाप्त कर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने में लोक अदालत सक्रिय भूमिका निभा रही है। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य न्यायपालिका में छोट-छोटे वादों का निस्तारण कराया जाए। जिला प्रशासन ने लगभग एक लाख ऐसे मामलों को चिह्नित किया है, जिसका निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से किया गया। इस मौके पर अपर जिला व सत्र न्यायाधीश विजय कुमार, एमएसीटी संजय हरि शुक्ला, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नरेंद्र कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नूतन द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक डाॅ. ईरज राजा आदि मौजूद रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में वृद्धा, दिव्यांग व विधवा पेंशन के लिए शिविर का आयोजन किया गया। वहीं लगाए गए मेडिकल कैंप में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डाक्टर मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय लोक अदालत के मौके पर बिजली बिल, गृह कर व जल कर सहित अन्य सामाजिक योजनाओं से संबंधित स्टॉल भी लगाए गए थे। प्रशासनिक न्यायमूर्ति की ओर से दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल, बैसाखी व कान की मशीन का वितरण किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके पहले प्रशासनिक न्यायमूर्ति विवेक वर्मा ने राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत से जहां एक ओर समय की बचत होती है, वहीं लंबे समय से लम्बित मामलों के त्वरित निस्तारण का यह महत्वपूर्ण साधन है। जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की ओर से लोक अदालत की सफलता के लिए अधिकारियों को अधिक से अधिक निस्तारण के लिए आह्वान किया गया। नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत शक्ति सिंह अपर जिला जज कोर्ट संख्या-1 ने कहा कि ऐसे छोटे प्रकरण, जिसमें अनावश्यक मुकदमेबाजी के कारण पक्षकारों के मध्य वैमन्यस्ता रहती है, उसे समाप्त कर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने में लोक अदालत सक्रिय भूमिका निभा रही है। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य न्यायपालिका में छोट-छोटे वादों का निस्तारण कराया जाए। जिला प्रशासन ने लगभग एक लाख ऐसे मामलों को चिह्नित किया है, जिसका निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से किया गया। इस मौके पर अपर जिला व सत्र न्यायाधीश विजय कुमार, एमएसीटी संजय हरि शुक्ला, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नरेंद्र कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नूतन द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक डाॅ. ईरज राजा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
राष्ट्रीय लोक अदालत में वृद्धा, दिव्यांग व विधवा पेंशन के लिए शिविर का आयोजन किया गया। वहीं लगाए गए मेडिकल कैंप में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डाक्टर मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय लोक अदालत के मौके पर बिजली बिल, गृह कर व जल कर सहित अन्य सामाजिक योजनाओं से संबंधित स्टॉल भी लगाए गए थे। प्रशासनिक न्यायमूर्ति की ओर से दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल, बैसाखी व कान की मशीन का वितरण किया गया।
विज्ञापन