{"_id":"5aaffcf84f1c1b8f778b663f","slug":"111521483000-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजीकरण के फैसले से कर्मचारियों में असंतोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजीकरण के फैसले से कर्मचारियों में असंतोष
Updated Mon, 19 Mar 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर।
विभिन्न मांगों को लेकर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर संघर्ष समिति ने सोमवार को विद्युत वितरण मंडल कार्यालय पर धरना दिया। इस मौके पर संघर्ष समिति के संयोजक निर्भयनरायण सिंह ने कहा कि पांच शहरों के निजीकरण एवं सात अन्य जनपदों के निजीकरण के फैसले से कर्मचारियों में असंतोष है। वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। इस फैसले के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की इस कर्मचारी विरोधी फैसले से किसानों, मजदूरों, व्यापारियों एवं आम जनमानस को महंगी बिजली उपलब्ध होगी। प्रदेश सरकार की मंशा 24 घंटा बिजली उपलब्ध कराने की है। फिर किन परिस्थितियों में उपरोक्त शहरों का निजीकरण किया जा रहा है। कहा कि यदि सरकार का फैसला जानबूझकर निजीकरण करने का है तो संघर्ष समिति आर-पार की लड़ाई लड़ने को बाध्य होगी। इस संघर्ष में अनिश्चितकालीन हड़ताल भी किया जा सकता है। समिति के सह संयोजक आशीष गुप्ता ने कहा कि दूसरे चरण में 27 मार्च से कार्य बहिष्कार प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने जनहित, किसान हित, मजदूर हित, व्यापारी हित एवं कर्मचारी हित में 12 जिलों के निजीकरण के फैसला पर पुर्नविचार कर इसे वापस लेने की मांग की। उप संयोजक विजयशंकर राय ने कहा कि प्राइवेट मीटर रीडरों, डिस्कनेक्शन गैंग एवं प्राइवेट आन लाइन कलेक्शन करने वाले कर्मचारियों, विद्युत उपकेंद्रों के अनुरक्षण एवं परिचालन में कार्य कर रहे संविदा कर्मियों एवं नियमित कर्मियों को भी आईडी तथा प्राइवेट कर्मियों को प्रतिमाह आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर इंजीनियर आरआर प्रसाद, इं. आशीष एके सिंह, इ. एसके सिंह, इ. आशीष चौहान इं. महेंद्र राय, इं. एसएन मौर्य, ओपी सिंह, चंद्रमा प्रसाद, अमित कुमार, वीके राव, अवर अभियंता संतोष मौर्य, नीरज सोनी, प्रेमचंद, रोहित कुमार, दिलीप, दिलीप कुमार, जितेंद्र गुप्ता, चित्रसेन, संजय श्रीवास्तव, सुरेश सिंह, इंतजार अहमद, विनय तिवारी, विष्णु राय आदि मौजूद थे। अध्यक्षता इंजीनियर एसएन मौर्य तथा संचालन निर्भयनरायण सिंह ने किया।
विज्ञापन
विभिन्न मांगों को लेकर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर संघर्ष समिति ने सोमवार को विद्युत वितरण मंडल कार्यालय पर धरना दिया। इस मौके पर संघर्ष समिति के संयोजक निर्भयनरायण सिंह ने कहा कि पांच शहरों के निजीकरण एवं सात अन्य जनपदों के निजीकरण के फैसले से कर्मचारियों में असंतोष है। वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। इस फैसले के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की इस कर्मचारी विरोधी फैसले से किसानों, मजदूरों, व्यापारियों एवं आम जनमानस को महंगी बिजली उपलब्ध होगी। प्रदेश सरकार की मंशा 24 घंटा बिजली उपलब्ध कराने की है। फिर किन परिस्थितियों में उपरोक्त शहरों का निजीकरण किया जा रहा है। कहा कि यदि सरकार का फैसला जानबूझकर निजीकरण करने का है तो संघर्ष समिति आर-पार की लड़ाई लड़ने को बाध्य होगी। इस संघर्ष में अनिश्चितकालीन हड़ताल भी किया जा सकता है। समिति के सह संयोजक आशीष गुप्ता ने कहा कि दूसरे चरण में 27 मार्च से कार्य बहिष्कार प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने जनहित, किसान हित, मजदूर हित, व्यापारी हित एवं कर्मचारी हित में 12 जिलों के निजीकरण के फैसला पर पुर्नविचार कर इसे वापस लेने की मांग की। उप संयोजक विजयशंकर राय ने कहा कि प्राइवेट मीटर रीडरों, डिस्कनेक्शन गैंग एवं प्राइवेट आन लाइन कलेक्शन करने वाले कर्मचारियों, विद्युत उपकेंद्रों के अनुरक्षण एवं परिचालन में कार्य कर रहे संविदा कर्मियों एवं नियमित कर्मियों को भी आईडी तथा प्राइवेट कर्मियों को प्रतिमाह आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर इंजीनियर आरआर प्रसाद, इं. आशीष एके सिंह, इ. एसके सिंह, इ. आशीष चौहान इं. महेंद्र राय, इं. एसएन मौर्य, ओपी सिंह, चंद्रमा प्रसाद, अमित कुमार, वीके राव, अवर अभियंता संतोष मौर्य, नीरज सोनी, प्रेमचंद, रोहित कुमार, दिलीप, दिलीप कुमार, जितेंद्र गुप्ता, चित्रसेन, संजय श्रीवास्तव, सुरेश सिंह, इंतजार अहमद, विनय तिवारी, विष्णु राय आदि मौजूद थे। अध्यक्षता इंजीनियर एसएन मौर्य तथा संचालन निर्भयनरायण सिंह ने किया।
विज्ञापन