{"_id":"6459441d39bc1a04310afaa4","slug":"107-outposts-and-27-shelters-will-save-from-flood-ghazipur-news-c-20-1-194158-2023-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: 107 बाढ़ चौकियां और 27 शरणालय की व्यवस्था होगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: 107 बाढ़ चौकियां और 27 शरणालय की व्यवस्था होगी
विज्ञापन
बाढ़ स्टेयरिंग कमेटी की हुई बैठक, तैयारियाें पर की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व अरूण कुमार सिंह की अध्यक्षता में रायफल क्लब सभागार में बाढ़ नियंत्रण के संबंध में बाढ़ स्टेयरिंग कमेटी की बैठक हुई।
उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़ से प्रभावित ग्रामों में बेहतर संचार व्यवस्था बनाने के लिए बाढ़ प्रभावित प्रत्येक ग्राम के कम से कम दस व्यक्तियों के नाम एवं उनके मोबाइल नंबर की सूची बना ली जाए। जिसकी एक प्रति तहसील में तथा दूसरी प्रति आपदा कार्यालय में प्रेषित की जाए ताकि बाढ़ के आने की स्थिति में इसकी सूचना पहले से ग्रामीणों को दिया जा सके, ताकि जन धन की हानि कम से कम हो सके।
ग्रामवार कुछ जागरूक लोगों का व्हाट्सएप ग्रुप बना लिया जाए जिससे कि बाढ़ सूचना का आदान-प्रदान त्वरित गति से हो सकेे। बाढ़ केन्द्र पर शौचालय, प्रकाश, पेयजल, भोजन, जनरेटर, पुरूष एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग कक्ष की व्यवस्था की जाए। बाढ़ चौकियों, बाढ़ शरणालय के विषय पर बताया कि जनपद में कुल 107 बाढ़ चौकियां (उप बाढ़ केन्द्र) स्थापित होंगे।
विज्ञापन
ऐसे ही बाढ़ पीड़ितों को आवासीय सुविधा तथा भोजन के दृष्टिगत कुल 27 बाढ़ शरणालय खोले जाएंगे। सभी सिंचाई विभाग को जूनियर इंजीनियर इन बाढ़ चौकियों से संबद्ध रहेंगे। हरेक बाढ़ चौकी पर कोटेदार, एएनएम, आशा कार्यकत्री, आंगनबाड़ी कार्यकत्री की सूचना उपलब्ध रहेगी।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया कि नाव मालिकों एवं इनके संघ के अध्यक्ष से नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वार्ता कर लें। बाढ़ की स्थिति में अतिरिक्त नाव मंगाने की व्यवस्था तहसीलदार द्वारा किया जाएगा। पिछले वर्ष में नावों की कमी को ध्यान में रखते हुए बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायतों के द्वारा नावों के क्रय करने का प्रविधान कर नाव क्रय भी किया जाए।
मुख्य जिला पशुधन अधिकारी को निर्देश दिया कि पर्याप्त मात्रा में पशुओं के लिए दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। बाढ़ के समय या पूर्व पशुओं को संक्रामक रोग के टीके लगाए जाएंगे। पशु चिकित्साधिकारी आवश्यकता पड़ने पर भूसा, चारा आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। उन्होंने अधिशासी अभियन्ता देवकली पम्प नहर प्रखण्ड-प्रथम, गाजीपुर तथा जनपद के समस्त उपजिलाधिकारी अपने क्षेत्र के सभी बंधों का निरीक्षण करें। यदि वह क्षतिग्रस्त हो तो उसका तत्काल मरम्मत करा लिया जाए। बंधों पर आवश्यक रिजर्व स्टाक सामग्री जैसे बिक्र रोड़ा, सीमेन्ट की खाली बोरिया नायलान क्रेट आदि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।
000
निर्माणाधीन बाढ़ परियोजनाओं को 15 जून तक पूरा कर लें
गाजीपुर। गंगा नदी से कटान वाले ग्रामों तथा जमानिया के पास एनएच 24 पर रोड का कटान रोकने के लिए योजना पहले से बना लें। साथ ही ग्राम शेरपुर-सेमरा की सुरक्षा के लिए शीघ्र से शीघ्र व्यवस्था की जाए एवं ग्राम पुरैना के नीचे हुए ग्राम जिसमें बयेपुर, सोकनी, कसेरा, बडहरिया, रफीपुर एवं महबलपुर आदि कटान की बराबर निगरानी रखी जाए। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। शेरपुर-सेमरा, पुरैना एवं जमानियां क्षेत्र में सभी निर्माणाधीन बाढ़ परियोजनाओं को 15 जून तक अवश्य पूर्ण कर लिया जाए। कासिमाबाद क्षेत्र में गड़ार ड्रेन पर स्थित गड़ार रेगुलेटर के तीनों गेट खुले रखे जाए जिससे कि आसपास के गांवों में जल-भराव की समस्या न उत्पन्न होने पाए।
000 टोंस नदी के जलस्तर बढ़ने पर गेटों को बंद करने की व्यवस्था हो
गाजीपुर। टोंस नदी के जल स्तर बढ़ जाने पर गेटों के बंद करने की भी व्यवस्था रखी जाए। सिंचाई विभाग एक नियंत्रण कक्ष की स्थापना करेगा, जहां पर सारी सूचनाएं उपलब्ध रहेंगी। बाढ़ काल में एक कर्मचारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष में मोबाइल, लैण्डलाइन फोन पर उपस्थित रहकर सभी सूचनाओं का आदान-प्रदान करेगा। विद्युत आपूर्ति की निरन्तरता बनाए रखने एवं तार टूट जाने पर तत्काल बदले जाने का उत्तरदायित्व अधिशासी अभियन्ता विद्युत विभाग का होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित ग्रामों का सर्वे रजिस्टर बना लिया जाय। चिकित्सा व्यवस्था, की समीक्षा के दौरान प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा जिला चिकित्सालय में साप कटाने की दवा (एन्टी स्नेक वेमन) उपलब्ध रखी जाए।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व अरूण कुमार सिंह की अध्यक्षता में रायफल क्लब सभागार में बाढ़ नियंत्रण के संबंध में बाढ़ स्टेयरिंग कमेटी की बैठक हुई।
उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़ से प्रभावित ग्रामों में बेहतर संचार व्यवस्था बनाने के लिए बाढ़ प्रभावित प्रत्येक ग्राम के कम से कम दस व्यक्तियों के नाम एवं उनके मोबाइल नंबर की सूची बना ली जाए। जिसकी एक प्रति तहसील में तथा दूसरी प्रति आपदा कार्यालय में प्रेषित की जाए ताकि बाढ़ के आने की स्थिति में इसकी सूचना पहले से ग्रामीणों को दिया जा सके, ताकि जन धन की हानि कम से कम हो सके।
विज्ञापन
ग्रामवार कुछ जागरूक लोगों का व्हाट्सएप ग्रुप बना लिया जाए जिससे कि बाढ़ सूचना का आदान-प्रदान त्वरित गति से हो सकेे। बाढ़ केन्द्र पर शौचालय, प्रकाश, पेयजल, भोजन, जनरेटर, पुरूष एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग कक्ष की व्यवस्था की जाए। बाढ़ चौकियों, बाढ़ शरणालय के विषय पर बताया कि जनपद में कुल 107 बाढ़ चौकियां (उप बाढ़ केन्द्र) स्थापित होंगे।
विज्ञापन
ऐसे ही बाढ़ पीड़ितों को आवासीय सुविधा तथा भोजन के दृष्टिगत कुल 27 बाढ़ शरणालय खोले जाएंगे। सभी सिंचाई विभाग को जूनियर इंजीनियर इन बाढ़ चौकियों से संबद्ध रहेंगे। हरेक बाढ़ चौकी पर कोटेदार, एएनएम, आशा कार्यकत्री, आंगनबाड़ी कार्यकत्री की सूचना उपलब्ध रहेगी।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया कि नाव मालिकों एवं इनके संघ के अध्यक्ष से नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वार्ता कर लें। बाढ़ की स्थिति में अतिरिक्त नाव मंगाने की व्यवस्था तहसीलदार द्वारा किया जाएगा। पिछले वर्ष में नावों की कमी को ध्यान में रखते हुए बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायतों के द्वारा नावों के क्रय करने का प्रविधान कर नाव क्रय भी किया जाए।
मुख्य जिला पशुधन अधिकारी को निर्देश दिया कि पर्याप्त मात्रा में पशुओं के लिए दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। बाढ़ के समय या पूर्व पशुओं को संक्रामक रोग के टीके लगाए जाएंगे। पशु चिकित्साधिकारी आवश्यकता पड़ने पर भूसा, चारा आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। उन्होंने अधिशासी अभियन्ता देवकली पम्प नहर प्रखण्ड-प्रथम, गाजीपुर तथा जनपद के समस्त उपजिलाधिकारी अपने क्षेत्र के सभी बंधों का निरीक्षण करें। यदि वह क्षतिग्रस्त हो तो उसका तत्काल मरम्मत करा लिया जाए। बंधों पर आवश्यक रिजर्व स्टाक सामग्री जैसे बिक्र रोड़ा, सीमेन्ट की खाली बोरिया नायलान क्रेट आदि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।
000
निर्माणाधीन बाढ़ परियोजनाओं को 15 जून तक पूरा कर लें
गाजीपुर। गंगा नदी से कटान वाले ग्रामों तथा जमानिया के पास एनएच 24 पर रोड का कटान रोकने के लिए योजना पहले से बना लें। साथ ही ग्राम शेरपुर-सेमरा की सुरक्षा के लिए शीघ्र से शीघ्र व्यवस्था की जाए एवं ग्राम पुरैना के नीचे हुए ग्राम जिसमें बयेपुर, सोकनी, कसेरा, बडहरिया, रफीपुर एवं महबलपुर आदि कटान की बराबर निगरानी रखी जाए। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। शेरपुर-सेमरा, पुरैना एवं जमानियां क्षेत्र में सभी निर्माणाधीन बाढ़ परियोजनाओं को 15 जून तक अवश्य पूर्ण कर लिया जाए। कासिमाबाद क्षेत्र में गड़ार ड्रेन पर स्थित गड़ार रेगुलेटर के तीनों गेट खुले रखे जाए जिससे कि आसपास के गांवों में जल-भराव की समस्या न उत्पन्न होने पाए।
000 टोंस नदी के जलस्तर बढ़ने पर गेटों को बंद करने की व्यवस्था हो
गाजीपुर। टोंस नदी के जल स्तर बढ़ जाने पर गेटों के बंद करने की भी व्यवस्था रखी जाए। सिंचाई विभाग एक नियंत्रण कक्ष की स्थापना करेगा, जहां पर सारी सूचनाएं उपलब्ध रहेंगी। बाढ़ काल में एक कर्मचारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष में मोबाइल, लैण्डलाइन फोन पर उपस्थित रहकर सभी सूचनाओं का आदान-प्रदान करेगा। विद्युत आपूर्ति की निरन्तरता बनाए रखने एवं तार टूट जाने पर तत्काल बदले जाने का उत्तरदायित्व अधिशासी अभियन्ता विद्युत विभाग का होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित ग्रामों का सर्वे रजिस्टर बना लिया जाय। चिकित्सा व्यवस्था, की समीक्षा के दौरान प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा जिला चिकित्सालय में साप कटाने की दवा (एन्टी स्नेक वेमन) उपलब्ध रखी जाए।