जिले में बुधवार रात से बृहस्पतिवार दोपहर तक रुक-रुककर हुई बारिश से शहर से गांव तक जलभराव की स्थिति बन गई। 15 घंटे में 10.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इससे अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली, लेकिन जलनिकासी व्यवस्था की बदहाली ने मुश्किलें बढ़ा दीं।
बारिश ने नगर पालिका की मानसून पूर्व नाला सफाई की तैयारियों की भी पोल खोल दी। शहर के कई इलाकों में नाले और नालियां उफनाने से सड़कें पानी में डूब गईं। नगर पालिका प्रशासन ने मानसून से पहले करीब आठ लाख रुपये खर्च कर 23 बड़े और 57 छोटे नालों की सफाई कराने का दावा किया था। इसके बावजूद जलभराव से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार रात करीब 11 बजे रिमझिम बारिश शुरू हुई, जो बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे तक जारी रही। दोपहर 3:41 बजे तेज बारिश शुरू हुई, जो शाम 4:40 बजे थमी।

शहर के सकलेनाबाद से मालगोदाम रोड का जाने वाली सड़क पर जल भराव के बीच खेलते बच्चें। संवाद