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नहरों और नलकूपों में पानी नहीं, सूख रही धान

Mon, 29 Oct 2018 11:20 PM IST
Updated Mon, 29 Oct 2018 11:20 PM IST
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नहरों और नलकूपों में पानी नहीं, सूख रही धान
गाजीपुर। धरती के भगवान कहे जाने वाले किसान इन दिनों चौतरफा मार झेल रहे हैं। शुरुआती दौर में अच्छी बारिश नहीं होने से धान की बुआई काफी विलंब से हुई। इसके बाद नहरों ने साथ छोड़ दिया और सरकारी नलकूप ज्यादातर खराब पड़े हैं। मध्य में बारिश होने के बाद प्रकृति ने नहीं दिया, जबकि जनपद के कई तहसीलों में बड़ी मात्रा में धान की खेती होती है। सिंचाई के अभाव में किसान मायूस हैं। आगे आलू की बुआई के लिए भी ज्यादातर इलाकों में खेतों को तैयार करने का काम शुरू हो रहा है। अगर यही हाल रहा तो फसलों की उत्पादकता पर काफी असर पड़ेगा।
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खेती किसानी के इस महत्वपूर्ण समय में भी जिले भर की नहरें तथा उनसे जुड़े राजवाहे और माइनर सूखे हुए हैं। जमानिया क्षेत्र में चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल, दिलदारनगर की मुख्य नहर, देवकली पंप कैनाल, शारदा सहायक नहर, दलपतपुर राजवाहा, रामदासपुर राजवाहा आदि सभी में पानी का अभाव बना हुआ है। इस क्षेत्र में जगह जगह नलकूप भी खराब पड़े हुए हैं। दुबिहां संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में देवकली पंप कैनाल से निकली दलपतपुर तथा रामदासपुर दो राजवाहे हैं। इस वर्ष इन राजवाहों में पानी के दर्शन तक नहीं हुए हैं। रामदासपुर राजवाहा जहूराबाद से निकलकर क्षेत्र के बांकी, असावर, दलपतपुर होते हुए नेवादा, खड़हरा, रामदासपुर मौजे से होकर दुबिहाँ, गोविंदपुर, पाहूपुर, लालपिपरी गांव के पास बने नाले तक जाता है। जब से इस नहर की खुदाई हुई है रामदासपुर राजवाहा में अब तक पानी देखने को नहीं मिला। इन दोनों नहरों से करीब तीन दर्जन गांवों के किसानों की खेती होती है। पानी के अभाव में धान की खेती पूरी तरह से चौपट होने के कगार पर आ गई है। इन गांवों के खेतों से जुड़े करीब आधा दर्जन नलकूप भी विजली तथा यांत्रिक दोष के कारण खाब पड़े हुए हैं। जानकारी के बाद भी अधिकारी इसमें बनवाने का जहमत न हीं उठा रहे हैं। करीमुद्दीनपुर संवाददाता के अनुसार सिंचाई के अभाव में किसानों की गाढ़ी कमाई डूबने की ओर है। खेत में पानी के अभाव में अगली फसल की बुआई भी प्रभावित होगी। असावर निवासी भरत राय का कहना है कि एक तो समय से बरसात नहीं हुई जिससे धान की रोपाई विलंब से हुई। किसी तरह से फसलों को बचाया गया। अब नहरों के सूखे रहने तथा डीजल के दाम में भारी बढोत्तरी होने से सिंचाई का गंभीर संकट सामने आ गया है। अगर मजबूरी में सूखे में ही धान को काट लिया जाएगा तो उत्पादन काफी कम होगा। गहमर संवाददाता के अनुसार इस क्षेत्र में पश्चिमी तथा पूर्वी दो लघु डाल नहरें हैं जो करीब सूखी हुई है। नहरों में पानी न होने का जबरदस्त खामियाजा किसान भुगत रहे हैं। दिलदारनगर संवाददाता ने बताया कि क्षेत्र में चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल से निकली मुख्य नहर जमानिया, दिलदारनगर, भदौरा, गहमर होते हुए बारा के कर्मनाशा नदी तक जाती है। चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल की मुख्य नहर से दो रजवाहा निकली है जो जमानिया से ताड़ीघाट तक तथा जमानिया -नौली राजवाहा को जाती है। पूरा क्षेत्र नहरों से पटा है लेकिन सभी में पानी का अभाव है। पानी के अभाव में किसान माथा पीट रहे हैं।
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