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सूखे की आशंका से किसान चिंतित
Updated Tue, 10 Jul 2018 10:28 PM IST
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गाजीपुर। खरीफ फसल की बुआई का सही समय जून के दूसरे सप्ताह से शुरू होता है, जो जुलाई के दूसरे सप्ताह तक चलता है। इस बार बारिश न होने से बुआई पिछड़ती जा रही है। किसान चिंतित हैं, क्योंकि खेती का महत्वपूर्ण समय हाथ से निकल रहा है। पिछले 15 दिनों से बारिश का इंतजार करने के बाद किसानों ने निजी नलकूपों आदि से किसी तरह बुआई तो शुरू की है, लेकिन अब भी बारिश नहीं हुई तो फसल को जीवित रख पाना मुश्किल होगा।
करीमुद्दीनपुर संवाददाता के मुताबिक बारिश न होने से किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। किसान अब क्या करें, उनकी समझ में नहीं आ रहा है। इन दिनों हो रही कड़ाके की धूप से धान की नर्सरी, हरी सब्जियां, पशुओं का चारा आदि मुरझाने लगा है। असावर गांव निवासी मुन्ना राय , देवरिया निवासी झारखंडेय राय, दुबिहां निवासी अरविंद राय ने बताया कि उन दिनों हुई हल्की बरसात के बाद धान की नर्सरी के साथ ही अरहर आदि सहित खरीफ की बुआई कर दी। अब सब फसल नष्ट हो रही है। इस समय फसलों को पानी की नितांत आवश्यकता है। किसान किसी तरह फसलों को सूखने से बचाने में लगे है । मंहगा डीजल खरीद कर ट्यूबेल या डीजल इंजन से खेतों में पानी तो ले रहे है लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हो रहा है। बरसात न होने से खेती का कार्य ठप हो गया है। क्षेत्र की नहरों में भी पानी नहीं है। बरसात न होने और भीषण सूखे की आशंका व्याप्त हो गई है। दुबिहां संवाददाता के अनुसार अभी तक बरसात नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। खेती बारी का काम ठप पड़ा हुआ है। धान की नर्सरी , पशुओं का चारा, बरसाती सब्जियां सहित अन्य फसल खेतों में सूख रही है। कई स्थानों पर जलस्तर भी नीचे चला गया है जिससे ट्यूबेल और हैंडपंप भी साथ छोडने लगे हैं।
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करीमुद्दीनपुर संवाददाता के मुताबिक बारिश न होने से किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। किसान अब क्या करें, उनकी समझ में नहीं आ रहा है। इन दिनों हो रही कड़ाके की धूप से धान की नर्सरी, हरी सब्जियां, पशुओं का चारा आदि मुरझाने लगा है। असावर गांव निवासी मुन्ना राय , देवरिया निवासी झारखंडेय राय, दुबिहां निवासी अरविंद राय ने बताया कि उन दिनों हुई हल्की बरसात के बाद धान की नर्सरी के साथ ही अरहर आदि सहित खरीफ की बुआई कर दी। अब सब फसल नष्ट हो रही है। इस समय फसलों को पानी की नितांत आवश्यकता है। किसान किसी तरह फसलों को सूखने से बचाने में लगे है । मंहगा डीजल खरीद कर ट्यूबेल या डीजल इंजन से खेतों में पानी तो ले रहे है लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हो रहा है। बरसात न होने से खेती का कार्य ठप हो गया है। क्षेत्र की नहरों में भी पानी नहीं है। बरसात न होने और भीषण सूखे की आशंका व्याप्त हो गई है। दुबिहां संवाददाता के अनुसार अभी तक बरसात नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। खेती बारी का काम ठप पड़ा हुआ है। धान की नर्सरी , पशुओं का चारा, बरसाती सब्जियां सहित अन्य फसल खेतों में सूख रही है। कई स्थानों पर जलस्तर भी नीचे चला गया है जिससे ट्यूबेल और हैंडपंप भी साथ छोडने लगे हैं।
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