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तीखी धूप और भीषण गर्मी से जनमानस बेहाल
Updated Wed, 20 Jun 2018 11:44 PM IST
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गाजीपुर। बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी से जनमानस बेहाल है। गुरुवार को सुबह से जारी प्रचंड गर्मी शाम तक बनी रही। अभी तक भरपूर बारिश न होने के कारण जिले के किसानों की चिंता गहराती जा रही है। एक तरफ धूप और उमस से लोग बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ खरीफ की खेती के पिछड़ने की चिंता भी किसानों को खाए जा रही है। पशु-पक्षी भी गर्मी से बेहाल होकर पानी के लिए तड़प रहे हैं। कड़ी धूप की वजह से लोग दिन भर घरों में कैद रहे।
भीषण गर्मी, उमस और चिलचिलाती तेज धूप से लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लोगों की रात की नींद हराम हो गई है। पंखे और कूलर भी बेकार साबित हो रहे हैं। सड़कों पर आठ बजे के बाद से शाम पांच बजे तक सड़कों पर काफी कम लोग दिखाई देते हैं। बारिश न होने तथा भीषण गर्मी और धूप से तालाब पोखर तक सूख गई हैं। पशुओं गाय-भैंस चराने वाले चरवाहों को उन्हें पानी पिलाने के लिए बहुत दूर तक जाना पड़ता है। घुमंतू जानवरों और पक्षी भी जल के लिए भटकते दिख रहे हैं। जनमानस को बरसात की आवश्यकता है। बादलों की लुकाछिपी का खेल चल रहा है। कभी-कभी आसमान में बादल छा तो रहे हैं लेकिन बरस नहीं रहे हैं। जैसे ही बारिश हुई खेती किसानी का काम जोर शोर से शुरू हो जाएगा। जंगीपुर संवाददाता के मुताबिक इन दिनों पारा 43 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। इस कारण कहीं से भी राहत महसूस नहीं हो रही है। दिनोदिन आसमान से बरस रही आग के कारण लोगों का घर से निकलना मुहाल है। लोग बेसब्री से वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। ताल-पोखरों का अस्तित्व समाप्त हो रहा है। नदियों के सूख जाने अथवा तथा जलस्तर नीचे हो जाने के कारण पशु -पक्षी भी गर्मी से बेहाल हो पानी के लिए तरस रहे हैं।
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भीषण गर्मी, उमस और चिलचिलाती तेज धूप से लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लोगों की रात की नींद हराम हो गई है। पंखे और कूलर भी बेकार साबित हो रहे हैं। सड़कों पर आठ बजे के बाद से शाम पांच बजे तक सड़कों पर काफी कम लोग दिखाई देते हैं। बारिश न होने तथा भीषण गर्मी और धूप से तालाब पोखर तक सूख गई हैं। पशुओं गाय-भैंस चराने वाले चरवाहों को उन्हें पानी पिलाने के लिए बहुत दूर तक जाना पड़ता है। घुमंतू जानवरों और पक्षी भी जल के लिए भटकते दिख रहे हैं। जनमानस को बरसात की आवश्यकता है। बादलों की लुकाछिपी का खेल चल रहा है। कभी-कभी आसमान में बादल छा तो रहे हैं लेकिन बरस नहीं रहे हैं। जैसे ही बारिश हुई खेती किसानी का काम जोर शोर से शुरू हो जाएगा। जंगीपुर संवाददाता के मुताबिक इन दिनों पारा 43 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। इस कारण कहीं से भी राहत महसूस नहीं हो रही है। दिनोदिन आसमान से बरस रही आग के कारण लोगों का घर से निकलना मुहाल है। लोग बेसब्री से वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। ताल-पोखरों का अस्तित्व समाप्त हो रहा है। नदियों के सूख जाने अथवा तथा जलस्तर नीचे हो जाने के कारण पशु -पक्षी भी गर्मी से बेहाल हो पानी के लिए तरस रहे हैं।
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