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Ghazipur News: दुराचारी को दस वर्ष की कठोर कारावास
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नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम राकेश कुमार की अदालत ने मंगलवार को नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को दस वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर दिया। उसने बताया कि उसकी नाबालिग पुत्री को शादियाबाद थाना के धरिकला निवासी आरोपी लालचद बिंद बीते नौ जुलाई 2014 बहलाफुसला कर शादी का झांसा देकर बाइक पर बैठाकर भगा ले गया था। शहर में एक स्थान पर रखकर एक महीने तक यौन शोषण किया।
थाने में शिकायत के बाद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पुलिस अधीक्षक को 22 जुलाई 2014 को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 25 जुलाई 2014 को न्यायालय से गुहार लगाया। न्यायालय के आदेश पर थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता को बरामद किया और विवेचना उपरांत न्यायालय में आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र पेश किया।
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न्यायालय में विचारण के दौरान अभियोजन की तरफ से विशेष शासकिय अधिवक्ता प्रभुनारायण सिोंह ने कुल सात गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने घटना का समर्थन करते हुए बयान न्यायालय में दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को सजा सुनाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम राकेश कुमार की अदालत ने मंगलवार को नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को दस वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर दिया। उसने बताया कि उसकी नाबालिग पुत्री को शादियाबाद थाना के धरिकला निवासी आरोपी लालचद बिंद बीते नौ जुलाई 2014 बहलाफुसला कर शादी का झांसा देकर बाइक पर बैठाकर भगा ले गया था। शहर में एक स्थान पर रखकर एक महीने तक यौन शोषण किया।
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थाने में शिकायत के बाद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पुलिस अधीक्षक को 22 जुलाई 2014 को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 25 जुलाई 2014 को न्यायालय से गुहार लगाया। न्यायालय के आदेश पर थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता को बरामद किया और विवेचना उपरांत न्यायालय में आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र पेश किया।
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न्यायालय में विचारण के दौरान अभियोजन की तरफ से विशेष शासकिय अधिवक्ता प्रभुनारायण सिोंह ने कुल सात गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने घटना का समर्थन करते हुए बयान न्यायालय में दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को सजा सुनाई।