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टेरर फंडिंग : संदिग्ध खातों पर रहेगी खुफिया नजर
Ghaziabad
Updated Wed, 31 Oct 2012 12:00 PM IST
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गाजियाबाद। अलकायदा जैसे आतंकी संगठनों को हो रही फंडिंग पर रोक लगाने को रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को नए सिरे से गाइड लाइन जारी की हैं। संयुक्त राष्ट्र से आतंकियों और उनके वित्तीय मददगारों की सूची मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है। आरबीआई ने बैंकों को हिदायत दी है कि संदिग्ध खातों की न सिर्फ खुद निगरानी कराएं, बल्कि उनकी सूचना फाइनेंशियल यूनिट को भी भेजें।
आतंकवाद के बढ़ते खतरे को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र हर साल ऐसे संगठनों और उनसे जुड़े लोगों की सूची सभी देशों को उपलब्ध कराता है। पिछले साल कुख्यात आतंकी संगठन अलकायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में मारे जाने के बाद यूएन ने हाल में टेरर फंडिंग को लेकर ताजा सूची जारी की है। इसमें विभिन्न देशों के तमाम ऐसे लोगों का खुलासा किया गया है, जो आतंकी संगठनों को अलग-अलग नामों से वित्तीय मदद देते रहे हैं। यह रिपोर्ट मिलने के बाद आरबीआई ने देश के सभी प्रमुख बैंकों और वित्तीय संस्थानों को अलर्ट कर दिया है। इसमें आरबीआई ने कहा है कि रिपोर्ट को गंभीरता से लेकर ऐसे नामों की खास निगरानी कराएं। आशंका जताई गई है कि आतंकी या उनके मददगार मिलते-जुलते नामों से बैंकों में खाता खुलवा सकते हैं। सभी बैंकों को ऐसे नामों पर विशेष नजर रखने को कहा है। साथ ही ऐसे संदिग्ध खातों की जानकारी आरबीआई के साथ फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट को देने के निर्देश दिए हैं।
संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट मिलने के बाद सभी बैंकों को निर्देश जारी किए गए हैं। बैंकों से ये भी कहा गया है कि नो योर कस्टमर (केवाईसी) केतहत सभी अकाउंट होल्डर के बारे में जानकारी जुटाएं और कुछ भी गड़बड़ मिलने पर तुरंत जरूरी कार्रवाई करें। - पीके भारद्वाज, असिस्टेंट मैनेजर, आरबीआई, दिल्ली
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अब किसी भी अकाउंट को खोलने से पहले दो-तीन दिन का समय लिया जाता है। बैंक की टीम कस्टमर के घर जाकर वेरिफिकेशन करती है। डॉक्यूमेंट की जांच करती है। सब कुछ सही पाया जाता है। तभी अकाउंट खोला जाता है। - मानव सूरी , ब्रांच हेड आईसीआईसीआई बैंक, गाजियाबाद
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आतंकवाद के बढ़ते खतरे को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र हर साल ऐसे संगठनों और उनसे जुड़े लोगों की सूची सभी देशों को उपलब्ध कराता है। पिछले साल कुख्यात आतंकी संगठन अलकायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में मारे जाने के बाद यूएन ने हाल में टेरर फंडिंग को लेकर ताजा सूची जारी की है। इसमें विभिन्न देशों के तमाम ऐसे लोगों का खुलासा किया गया है, जो आतंकी संगठनों को अलग-अलग नामों से वित्तीय मदद देते रहे हैं। यह रिपोर्ट मिलने के बाद आरबीआई ने देश के सभी प्रमुख बैंकों और वित्तीय संस्थानों को अलर्ट कर दिया है। इसमें आरबीआई ने कहा है कि रिपोर्ट को गंभीरता से लेकर ऐसे नामों की खास निगरानी कराएं। आशंका जताई गई है कि आतंकी या उनके मददगार मिलते-जुलते नामों से बैंकों में खाता खुलवा सकते हैं। सभी बैंकों को ऐसे नामों पर विशेष नजर रखने को कहा है। साथ ही ऐसे संदिग्ध खातों की जानकारी आरबीआई के साथ फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट को देने के निर्देश दिए हैं।
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संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट मिलने के बाद सभी बैंकों को निर्देश जारी किए गए हैं। बैंकों से ये भी कहा गया है कि नो योर कस्टमर (केवाईसी) केतहत सभी अकाउंट होल्डर के बारे में जानकारी जुटाएं और कुछ भी गड़बड़ मिलने पर तुरंत जरूरी कार्रवाई करें। - पीके भारद्वाज, असिस्टेंट मैनेजर, आरबीआई, दिल्ली
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अब किसी भी अकाउंट को खोलने से पहले दो-तीन दिन का समय लिया जाता है। बैंक की टीम कस्टमर के घर जाकर वेरिफिकेशन करती है। डॉक्यूमेंट की जांच करती है। सब कुछ सही पाया जाता है। तभी अकाउंट खोला जाता है। - मानव सूरी , ब्रांच हेड आईसीआईसीआई बैंक, गाजियाबाद