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हत्यारे पति को सात साल का कारावास
Ghaziabad
Updated Sat, 25 Aug 2012 12:00 PM IST
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गाजियाबाद। दहेज हत्या के मामले में अदालत ने दोषी पति को सात साल कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर कोर्ट ने 80 हजार का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम में से मृतका की दो बेटियों के नाम 25-25 हजार की एफडी कराने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं।
सहायक शासकीय अधिवक्ता जगमोहन शर्मा ने बताया कि लोनी निवासी शराफत की पत्नि अमीरजहां की 12 दिसंबर 2004 को मौत हो गई थी। अमीरजहां के पिता याकूब खान ने 15 दिसंबर को दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बेटी के पति शराफत, सास रशीदा, ससुर शब्बीर और दो देवर रियासत और लियाकत को नामजद कराया था। मामला एडीजे-11 सर्वेश चंद पांडेय की अदालत में चल रहा था। सरकारी वकील ने बताया कि न्यायाधीश ने आरोपी शराफत को दोषी माना है। आरोपी सास-ससुर और देवर को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
हत्यारोपी को उम्रकैद
गाजियाबाद। दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने वाले पति को स्पेशल कोर्ट एससी/एसटी अश्विनी कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सरकारी वकील लोकेश कुमार ने बताया कि जारचा निवासी तसलीम ने भतीजी गुलिस्तां की शादी 21 नवंबर 2009 में मुरादनगर निवासी शहजाद से की थी। 4 मई 2010 को गुलिस्तां की मौत हो गई। तसलीम ने थाने में उसकी फांसी लगाकर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें शहजाद के अलावा शमशाद, हुमा और रईसा को भी नामजद कराया था। न्यायाधीश अश्विनी कुमार ने शहजाद को उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दूसरी ओर नंदग्राम के हरीओम को चाकू मारकर घायल करने के आरोपी राजवीर को एडीजेटी-2 नलिन कांत त्यागी ने 2 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता जगमोहन शर्मा ने बताया कि लोनी निवासी शराफत की पत्नि अमीरजहां की 12 दिसंबर 2004 को मौत हो गई थी। अमीरजहां के पिता याकूब खान ने 15 दिसंबर को दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बेटी के पति शराफत, सास रशीदा, ससुर शब्बीर और दो देवर रियासत और लियाकत को नामजद कराया था। मामला एडीजे-11 सर्वेश चंद पांडेय की अदालत में चल रहा था। सरकारी वकील ने बताया कि न्यायाधीश ने आरोपी शराफत को दोषी माना है। आरोपी सास-ससुर और देवर को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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हत्यारोपी को उम्रकैद
गाजियाबाद। दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने वाले पति को स्पेशल कोर्ट एससी/एसटी अश्विनी कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सरकारी वकील लोकेश कुमार ने बताया कि जारचा निवासी तसलीम ने भतीजी गुलिस्तां की शादी 21 नवंबर 2009 में मुरादनगर निवासी शहजाद से की थी। 4 मई 2010 को गुलिस्तां की मौत हो गई। तसलीम ने थाने में उसकी फांसी लगाकर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें शहजाद के अलावा शमशाद, हुमा और रईसा को भी नामजद कराया था। न्यायाधीश अश्विनी कुमार ने शहजाद को उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दूसरी ओर नंदग्राम के हरीओम को चाकू मारकर घायल करने के आरोपी राजवीर को एडीजेटी-2 नलिन कांत त्यागी ने 2 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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