अब तक नहीं मिला फ्लैट का पजेशन

Ghaziabad Updated Sat, 23 Jun 2012 12:00 PM IST
बिल्डर को बेनकाब करने की सजा भुगत रहा इंजीनियर
गाजियाबाद। महागुन के शॉपिंग कांप्लेक्स के खेल को बेनकाब करने वाले इंजीनियर को इसकी सजा भुगतनी पड़ रही है। सवा साल बीतने के बावजूद बिल्डर ने उसे फ्लैट की पजेशन नहीं दी। परेशान इंजीनियर ने नेशनल कंज्यूमर फोरम की शरण ली है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर महेश नारायण ने महागुन बिल्डर के हाउसिंग प्रोजेक्ट मिलानो में 2007 में एक फ्लैट बुक कराया था। बुकिंग के समय बिल्डर ने महेश को उनके फ्लैट के सामने रोड बताई। बाद में गलत तरीके से फ्लैट के सामने शापिंग कांप्लैक्स का निर्माण कर दिया। महेश की शिकायत पर बिल्डर को कांप्लेक्स तोड़ना पड़ रहा है। इससे बिल्डर नाराज है। महेश ने बताया कि दिसंबर 2007 में बुकिंग के समय बिल्डर ने मार्च 2010 में पजेशन देने का वादा किया था। मार्च 2011 में बिल्डर ने टावर में बने 84 फ्लैट्स का पजेशन देना शुरू किया। टावर के सभी 83 आवेदकों को फ्लैट्स का पजेशन दिया जा चुका है। सिर्फ उनका ही पजेशन रुका है। पजेशन के बारे में पूछा तो पैसा वापस करने को कह दिया। इस पर वह फोरम में चला गया।

प्रवक्ता की सुनिये
इस संबंध में महागुन कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि हमने जिला फोरम में अपना पक्ष रखा है। फोरम के फैसले के मुताबिक ही पजेशन का निर्णय लिया जाएगा। आवेदक की शर्त है कि कामर्शियल कांप्लेक्स तोड़कर फ्लैट दिया जाए, कंपनी की पुनरीक्षण याचिका शासन के पास लंबित है।

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