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एचटी लाइन को बल्ली में बांध पार कराया मुगल रोड
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 18 Nov 2015 01:30 AM IST
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बिजली विभाग की लापरवाही का खामियाजा किसी भी क्षण बड़े हादसे के रूप में भुगतना पड़ सकता है। क्षेत्र के श्रीनगर गांव में एक निजी नलकूप तक एलटी लाइन पहुंचाने को खंभा लगाने की जगह लकड़ी की पतली बल्ली गाड़कर उसमें तार बांध दिए गए हैं। जबकि, बिना किसी झिझक के मुगल रोड पार करवा दिया है।
तहसील मुख्यालय से 14 किलोमीटर की दूरी पर बसे श्रीनगर गांव के बाहर एक निजी नलकूप के लिए बिजली की लाइन दी गई है। एलटी लाइन मुगल रोड पार करके निजी नलकूप को गई है।
मुगल रोड पार कराने को विभाग ने रोड के दोनों ओर खंभे गाड़ने की जगह एक तरफ लकड़ी की पतली बल्ली गाड़कर तार बांध रखे हैं। दूसरी तरफ सीमेंट का खंभा गड़ा हुआ है। मुगल रोड पर चौबीसों घंटे वाहनों का आवागमन रहता है।
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लंबी दूरी के मालवाहक ट्रकों और भारी वाहनों की संख्या सबसे अधिक रहती है। इस रोड पर चलने वाले ट्रकों में काफी ऊंचाई तक माल लदा होता है।
रोड पर लगे बिजली के तार टकराकर कभी भी बल्ली समेत टूटकर नीचे गिर सकते हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि लकड़ी की बल्ली में दीमक लगने से वह किसी भी समय खोखली होकर टूट सकती है। बताया कि इस समय खेतों की पलेवा की जा रही है। ऐसे में जमीन में नमी मिलते ही दीमक कीट सक्रिय हो जाता है।
बताया कि यदि लकड़ी की बल्ली टूटकर गिरी तो रोड पर बिजली के तार किसी भी क्षण कोई बड़ा हादसा कर सकते हैं। उपखंड अधिकारी (विद्युत) जेएन कौशल ने बताया कि श्रीनगर गांव के निकट लकड़ी की बल्ली में बिजली के तार बांधकर मुगल रोड पार कराने का मामला उनकी जानकारी में नहीं है।
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तहसील मुख्यालय से 14 किलोमीटर की दूरी पर बसे श्रीनगर गांव के बाहर एक निजी नलकूप के लिए बिजली की लाइन दी गई है। एलटी लाइन मुगल रोड पार करके निजी नलकूप को गई है।
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मुगल रोड पार कराने को विभाग ने रोड के दोनों ओर खंभे गाड़ने की जगह एक तरफ लकड़ी की पतली बल्ली गाड़कर तार बांध रखे हैं। दूसरी तरफ सीमेंट का खंभा गड़ा हुआ है। मुगल रोड पर चौबीसों घंटे वाहनों का आवागमन रहता है।
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लंबी दूरी के मालवाहक ट्रकों और भारी वाहनों की संख्या सबसे अधिक रहती है। इस रोड पर चलने वाले ट्रकों में काफी ऊंचाई तक माल लदा होता है।
रोड पर लगे बिजली के तार टकराकर कभी भी बल्ली समेत टूटकर नीचे गिर सकते हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि लकड़ी की बल्ली में दीमक लगने से वह किसी भी समय खोखली होकर टूट सकती है। बताया कि इस समय खेतों की पलेवा की जा रही है। ऐसे में जमीन में नमी मिलते ही दीमक कीट सक्रिय हो जाता है।
बताया कि यदि लकड़ी की बल्ली टूटकर गिरी तो रोड पर बिजली के तार किसी भी क्षण कोई बड़ा हादसा कर सकते हैं। उपखंड अधिकारी (विद्युत) जेएन कौशल ने बताया कि श्रीनगर गांव के निकट लकड़ी की बल्ली में बिजली के तार बांधकर मुगल रोड पार कराने का मामला उनकी जानकारी में नहीं है।