5 लाख छात्रों का रिजल्ट फंसेगा इस बार?
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फर्जी तरीके से अंतिम समय में यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल किए गए लगभग पांच लाख से अधिक परीक्षार्थियों का रिजल्ट अधर में है।
बोर्ड, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के बाबुओं और नकल माफिया के प्रयास से बिना पंजीकरण के परीक्षा में शामिल हुए परीक्षार्थी पकड़ में आ रहे हैं। सचल दस्ते से जुड़े अधिकारियों की जांच में बड़ी संख्या में परीक्षार्थी बिना पंजीकरण परीक्षा देते पकड़े गए।
यूपी बोर्ड परीक्षा के समय पंजीकरण फार्म नहीं भरा जा सका था। बोर्ड परीक्षा से तीन दिन पहले नए केन्द्र बनाने की शिकायत गाजीपुर के जिलाधिकारी ने चुनाव आयोग से की है।
शासन के दबाव में यूपी बोर्ड की ओर से अंतिम समय में प्रदेश भर में 40 से अधिक नए केंद्र बना दिए गए थे, इसमें आठ केंद्र अकेले गाजीपुर में बनाए गए थे।
पहले भी हो चुकी है गलती
बोर्ड परीक्षा के दौरान प्रदेश भर में हर केंद्र पर सचल दस्ते एवं जांच अधिकारियों को बड़ी संख्या में बिना पंजीकरण वाले परीक्षार्थी एवं कक्ष निरीक्षक मिले हैं।
बोर्ड की परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि पकड़े जाने के बाद लगभग सात लाख परीक्षार्थी परीक्षा छोड़ चुके हैं। गलत तरीके से पंजीकरण करवाने वाले इन परीक्षार्थियों की कॉपियों का मूल्यांकन भी करना संभव नहीं होगा। ऐसे में इन परीक्षार्थियों के रिजल्ट को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
यूपी बोर्ड की ओर से पहले भी इस प्रकार की पंजीकरण में गलती हो चुकी है। बोर्ड की ओर से बिना पंजीकरण के परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को शासन एवं सत्ता के दबाव में अंतिम समय में जुर्माना लगाकर परीक्षा में शामिल करने के बाद उनकी कापियों का मूल्यांकन करवा दिया गया।