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बेटा एक, दावेदार दोः फिल्मी कहानी की तरह भिड़ गए दो पिता, एक बोला-चार साल पहले खोया था, दूसरा बोला-जांच कर लो

Sun, 26 Feb 2023 08:30 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sun, 26 Feb 2023 08:30 PM IST
सार

फिरोजाबाद में एक युवक, होटल पर काम कर रहे लड़के को अपना बेटा बताने लगा। उसे अपने साथ घर ले जाने की जिद पर अड़ गया। सूचना पर उसका पिता पहुंचा तो उससे भी कहासुनी होने लगी। मामला बढ़ता देख लोगों की भीड़ लग गई। 
 

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young man called the boy working in hotel as his lost son In Firozabad an uproar started
एक बेटे के दो दावेदार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बेटे को लेकर दो पिता भिड़ गए। दोनों उसे अपना बेटा बताने लगे। दोनों को झगड़ते देख एक पल के लिए बेटा भी शशंकित हो गया कि आखिर यह क्या हो रहा है। दोनों का झगड़ा सुन आसपास के लोगों की भीड़ लग गई।   

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मामला सिरसागंज थाना क्षेत्र स्थित एक होटल का है। रविवार को यहां बालक दुर्गेश (14) काम कर रहा था। इसी समय एक युवक वहां पहुंचा। उसने खुद को कानपुर देहात निवासी उमाकांत बताया। वह दुर्गेश को अपना चार वर्ष पहले खोया बेटा कुलदीप बताने लगे। उनकी बातें सुन पहले तो लोगों ने मजाक समझा। लेकिन वह उसे साथ ले जाने पर अड़ गएय़ 

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दोनों के बीच कहासुनी होने लगी

इसके बाद लोगों ने इसे गंभीरता से लिया। होटल कर्मियों ने दुर्गेश के पिता को इसकी सूचना दी। सूचना पर कोटला रोड निवासी दुर्गेश के पिता ब्रजेश भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद उमाकांत और ब्रजेश के बीच कहासुनी होने लगी। लोगों ने समझाकर शांत कराया। लोग इसका हल निकालने पर विचार करने लगे।

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चार साल पहले खो गया है बेटा

मौजूद लोगों ने उमाकांत से बात करके उनके यहां आने के बारे में पूछने लगे। उन्होंने बताया कि उनका बेटा कुलदीप चार साल पहले खो गया है। वह उसकी तलाश कर रहे हैं। बताया कि उनके जानने वाला एक ट्रक चालक चार दिन पहले यहां हाईवे से गुजर रहा था। वह खाना खाने के लिए होटल पर रुका था। उसने दुर्गेश का फोटो खींच लिया और उन्हें दिखाया। 

इस तरह हुआ निपटारा

बताया कि फोटो देखकर वह उनका खोया बेटा लगा। इस पर वह यहां आ गए। उनके पास उनके बेटे कुलदीप का आधार कार्ड भी है। आधार कार्ड की जानकारी मिलने पर लोगों को आइडिया आया। वह दोनों लोगों को लेकर पास के जनसेवा केंद्र गए। यहां दुर्गेश के फिंगर प्रिंट और आई स्कैनर लिए गए। जो कुलदीप से नहीं मैच खाए। इसके बाद मामला पूरी तरह सुलझ गया।   

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