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Firozabad News: ट्रैक्टर-ट्रॉली से आलू खुदाई के लिए ले जाए जा रहे मजदूर
Sat, 09 Mar 2024 12:00 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 09 Mar 2024 12:00 AM IST
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फिरोजाबाद। कासगंज के पटियाली तहसील क्षेत्र में एक पखवाड़े पहले ट्रैक्टर-ट्राॅली तालाब में अनियंत्रित होकर पलट जाने से 24 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे हैं। जिले में आलू की खुदाई के लिए मजदूरों को धड़ल्ले से ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले जाया जा रहा है। उप संभागीय परिवहन विभाग का अभियान भी ठंडा पड़ गया था। अब भी जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। कानपुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 13 सितंबर 2023 को 26 और कासगंज में 25 फरवरी 2024 को 24 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद शासन की ओर से ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवारी बैठाने वालों पर सख्ती करने व उनसे 10 हजार रुपये जुर्माना वसूल करने का आदेश जारी किया था। घटना को समय बीतते ही अभियान की हवा निकल गई। कृषि कार्य के लिए पंजीयन कराने के बाद न सिर्फ ट्रैक्टर-ट्रॉली का कॉमर्शियल उपयोग हो रहा है। बल्कि उनसे सवारियां भी ढोई जा रही हैं। शुक्रवार को नारखी, सिरसागंज में कई जगह आलू खुदाई के लिए खेतों के मालिक मजदूरों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में ले जाते भी देखे गए।
वहीं कई जगह ठेकेदार द्वारा भी श्रमिकों को इन ट्रैक्टर ट्रॉली में ले जाते देखा गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से हुई मौतों के बाद भले ही सरकार गंभीर हो गई हो, लेकिन जिले में इसका असर देखने को नहीं मिल रहा है।
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रजिस्ट्रेशन के नियमों की हो रही अनदेखी
जिले में देखा जाए तो 19,500 ट्रैक्टरों का केवल कृषि कार्य के लिए पंजीयन कराया गया है। इसके साथ ही जिले के करीब 208 ईंट-भट्ठों पर काम करने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली का कॉमर्शियल उपयोग हो रहा है। जबकि उनका भी पंजीयन केवल कृषि कार्य के लिए है। इतना ही नहीं वन निगम में लकड़ी ढुलाई के लिए लगी ट्रैक्टर-ट्रॉली का भी कृषि कार्य के लिए पंजीयन कराकर उनका कॉमर्शियल उपयोग हो रहा है। जिनसे सामान की ढुलाई के साथ ही सवारियां भी ढोई जा रही हैं। इससे न सिर्फ सरकार को राजस्व की क्षति हो रही है। बल्कि लोगों की जिंदगी भी दांव पर लग रही है।
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जिले में विशेष अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि वह माल वाहक वाहनों पर बैठकर सफर न करें। यदि ट्रॉली पर सवारी बैठाकर ले जाया गया तो जुर्माना वसूल किया जाएगा।
-सुरेशचंद्र यादव, एआरटीओ प्रवर्तन
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वहीं कई जगह ठेकेदार द्वारा भी श्रमिकों को इन ट्रैक्टर ट्रॉली में ले जाते देखा गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से हुई मौतों के बाद भले ही सरकार गंभीर हो गई हो, लेकिन जिले में इसका असर देखने को नहीं मिल रहा है।
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रजिस्ट्रेशन के नियमों की हो रही अनदेखी
जिले में देखा जाए तो 19,500 ट्रैक्टरों का केवल कृषि कार्य के लिए पंजीयन कराया गया है। इसके साथ ही जिले के करीब 208 ईंट-भट्ठों पर काम करने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली का कॉमर्शियल उपयोग हो रहा है। जबकि उनका भी पंजीयन केवल कृषि कार्य के लिए है। इतना ही नहीं वन निगम में लकड़ी ढुलाई के लिए लगी ट्रैक्टर-ट्रॉली का भी कृषि कार्य के लिए पंजीयन कराकर उनका कॉमर्शियल उपयोग हो रहा है। जिनसे सामान की ढुलाई के साथ ही सवारियां भी ढोई जा रही हैं। इससे न सिर्फ सरकार को राजस्व की क्षति हो रही है। बल्कि लोगों की जिंदगी भी दांव पर लग रही है।
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जिले में विशेष अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि वह माल वाहक वाहनों पर बैठकर सफर न करें। यदि ट्रॉली पर सवारी बैठाकर ले जाया गया तो जुर्माना वसूल किया जाएगा।
-सुरेशचंद्र यादव, एआरटीओ प्रवर्तन