{"_id":"0c9f1f560857764012e61a3efed918c0","slug":"why-not-acquired-the-mosque-of-the-temple-laxmikant-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मस्जिद का अधिग्रहण नहीं किया तो मंदिर का क्यों: लक्ष्मीकांत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मस्जिद का अधिग्रहण नहीं किया तो मंदिर का क्यों: लक्ष्मीकांत
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sun, 06 Dec 2015 11:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाया है। उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि अब तक किसी मस्जिद या दरगाह का अधिग्रहण नहीं किया तो मंदिर का अधिग्रहण क्यों किया जाएगा? यह सरकार की पक्षपात नीति है जो बांके बिहारी मंदिर और विंध्यवासिनी मंदिर का अधिग्रहण किया जा रहा है।
रविवार को सिरसागंज जन कल्याणम के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि मंदिरों का अधिग्रहण का सगूफा सरकार की तानाशाही भी है। धर्म के मुद्दों की राजनीति कर सरकार एकतरफा संदेश देना चाहती है। देश में असहिष्णुता का राप अलापने वाले भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। अगर ऐसा होता तो आमिर खान अपनी पत्नी के साथ देश में सकुशल नहीं रह रहे होते। प्रदेश सरकार को कानून व्यवस्था और किसान नीति पर फेल बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में 76 जगह सूखाग्रस्त हैं लेकिन सरकार ने 30 से भी कम जिलों को सूखा ग्रस्त घोषित कर किसानों के साथ अन्याय किया है। मोदी सरकार अपने हर वादे और मुद्दे पर कायम है। विधान सभा चुनाव में भाजपा का परचम विरोधियों को करारा जवाबे होगा।
विज्ञापन
रविवार को सिरसागंज जन कल्याणम के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि मंदिरों का अधिग्रहण का सगूफा सरकार की तानाशाही भी है। धर्म के मुद्दों की राजनीति कर सरकार एकतरफा संदेश देना चाहती है। देश में असहिष्णुता का राप अलापने वाले भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। अगर ऐसा होता तो आमिर खान अपनी पत्नी के साथ देश में सकुशल नहीं रह रहे होते। प्रदेश सरकार को कानून व्यवस्था और किसान नीति पर फेल बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में 76 जगह सूखाग्रस्त हैं लेकिन सरकार ने 30 से भी कम जिलों को सूखा ग्रस्त घोषित कर किसानों के साथ अन्याय किया है। मोदी सरकार अपने हर वादे और मुद्दे पर कायम है। विधान सभा चुनाव में भाजपा का परचम विरोधियों को करारा जवाबे होगा।
विज्ञापन