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फिरोजाबाद: कार की टक्कर से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने ट्रॉमा सेंटर में किया हंगामा
Thu, 17 Sep 2026 09:53 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Thu, 17 Sep 2026 09:53 PM IST
सार
फिरोजाबाद में कार की टक्कर से घायल 30 वर्षीय बाबू नगर की ट्रॉमा सेंटर में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आरोपों को नकारते हुए समुचित उपचार का दावा किया है।
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परिजनों ने इलाज पर उठाए सवाल
- फोटो : अमर उजाला संवाद
विस्तार
फिरोजाबाद में नसीरपुर थाना क्षेत्र के छेछापुर चौराहे के पास बुधवार शाम अज्ञात कार ने पैदल जा रहे युवक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीर पूनम ने उसे संयुक्त चिकित्सालय, शिकोहाबाद में भर्ती कराया। उपचार के दौरान शिनाख्त होने पर परिजन को सूचना दी गई। हालत गंभीर होत देख घायल को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। जहां बृहस्पतिवार दोपहर उसने दम तोड़ दिया। परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
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मक्खनपुर के गांव जहांगीर गैलरई निवासी बाबू नगर (30) भीख मांगकर व शादी समारोह में बहरूपिया का स्वांग रचाकर नेग मांगता था। बुधवार को वह पंजाब जाने के लिए घर से निकला था। मगर, वहां जाने के वजह वापस घर की ओर लौटने लगा। छेछापुर चौराहे के पास एक बेकाबू कार उसे टक्कर मारकर मौके से भाग निकली। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल बाबू नगर को एक राहगीर पूनम ने संयुक्त चिकित्सालय, शिकोहाबाद में भर्ती कराया था। यहां से उसे ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया था।
बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे बाबू नगर की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। परिजन ने ट्रॉमा सेंटर प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि ट्रॉमा सेंटर में शुरुआती प्राथमिक उपचार के बाद बाबू को सीटी स्कैन के लिए भेजा गया। वहां उसे करीब दो घंटे तक बिना किसी सुध-बुध के स्ट्रेचर पर लिटाकर रखा गया। इसके बाद जब उसे सर्जरी वार्ड नंबर तीन में ले जाया गया, तो वहां भर्ती करने के बजाय फिर से ट्रॉमा सेंटर ले जाने का फरमान सुना दिया गया। मरीज को एक जगह से दूसरी जगह घुमाने और भटकने में काफी वक्त बर्बाद हो गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ती गई।
बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे बाबू नगर की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। परिजन ने ट्रॉमा सेंटर प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि ट्रॉमा सेंटर में शुरुआती प्राथमिक उपचार के बाद बाबू को सीटी स्कैन के लिए भेजा गया। वहां उसे करीब दो घंटे तक बिना किसी सुध-बुध के स्ट्रेचर पर लिटाकर रखा गया। इसके बाद जब उसे सर्जरी वार्ड नंबर तीन में ले जाया गया, तो वहां भर्ती करने के बजाय फिर से ट्रॉमा सेंटर ले जाने का फरमान सुना दिया गया। मरीज को एक जगह से दूसरी जगह घुमाने और भटकने में काफी वक्त बर्बाद हो गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ती गई।
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सूचना पर थाना उत्तर प्रभारी रवि कुमार त्यागी और नसीरपुर इंस्पेक्टर जसवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। बाबू की मौत से उसकी पत्नी, एक बेटी और दो बेटों के सिर से पिता का साया उठ गया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
घायल को शिकोहाबाद संयुक्त अस्पताल से रेफर कराकर मेडिकल कॉलेज लाया गया था। सुबह से ही उसका समुचित इलाज किया गया, जिसमें एक्स-रे और सीटी स्कैन भी शामिल है। परिजन दोपहर डेढ़ बजे मरीज को बिना बताए ट्रॉमा सेंटर से ले गए थे। करीब 15 मिनट बाद जब वे उसे वापस लाए तो मरीज मृत अवस्था में था। -डॉ. नवीन जैन, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज