{"_id":"5e46e5288ebc3ee5b44687bd","slug":"up-board-firozabad-news-agr4295215175","type":"story","status":"publish","title_hn":"परीक्षा ड्यूटी ने बढ़ाया गुरुजी का दर्द, मेडिकल लेकर ड्यूटी कटवाने पहुंच रहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परीक्षा ड्यूटी ने बढ़ाया गुरुजी का दर्द, मेडिकल लेकर ड्यूटी कटवाने पहुंच रहे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। परीक्षा के समय अक्सर बच्चों को हथ-पांव फूलते हैं। लेकिन यहां तो गुरूजी ही बीमार पड़ रहे हैं। परीक्षा ड्यूटी से बचने के लिए शिक्षक कॉलेज और डीआईओएस कार्यालय में बीमार होने की अर्जी लगा रहे हैं। स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी परीक्षा केंद्र से ड्यूटी कटवाने के लिए खुद को बीमार बता रहे हैं। इसके लिए मेडिकल सर्टिफिकेट भी लगाए जा रहे हैं।
18 फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 91 केंद्रों पर शुरू होंगी। इसमें 80 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा में करीब 2900 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें करीब छह सौ शिक्षक बेसिक शिक्षा विभाग के हैं। परीक्षा में ड्यूटी का मानदेय बहुत कम हैं। इसलिए शिक्षक इसमें रुचि नहीं लेते हैं। इस बार सख्ती है तो शिक्षक और स्टैटिक मजिस्ट्रेट ड्यूटी से बचने के प्रयास कर रहे हैं।
इसी के चलते गर्दन, कंधे, पैर, रीढ़ की हड्डी, हृदय रोग के अलावा परिजनों की गंभीर बीमारियों का भी हवाला दिया जा रहा है। इन शिक्षकों ने मेडिकल सर्टिफिकेट भी लगा दिए हैं। इनमें सरकारी अस्पताल के साथ प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सकों का प्रमाण पत्र भी है। इसमें शिक्षकों को 10 से 15 दिन बिस्तर पर आराम करने की सलाह दी है।
विज्ञापन
कुछ प्रत्यावेदन आए हैं। मगर किसी की ड्यूटी नहीं काटी गई है। जो मेडिकल लगाएंगे, उनको मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा।
रितु गोयल, डीआईओएस
विज्ञापन
18 फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 91 केंद्रों पर शुरू होंगी। इसमें 80 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा में करीब 2900 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें करीब छह सौ शिक्षक बेसिक शिक्षा विभाग के हैं। परीक्षा में ड्यूटी का मानदेय बहुत कम हैं। इसलिए शिक्षक इसमें रुचि नहीं लेते हैं। इस बार सख्ती है तो शिक्षक और स्टैटिक मजिस्ट्रेट ड्यूटी से बचने के प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
इसी के चलते गर्दन, कंधे, पैर, रीढ़ की हड्डी, हृदय रोग के अलावा परिजनों की गंभीर बीमारियों का भी हवाला दिया जा रहा है। इन शिक्षकों ने मेडिकल सर्टिफिकेट भी लगा दिए हैं। इनमें सरकारी अस्पताल के साथ प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सकों का प्रमाण पत्र भी है। इसमें शिक्षकों को 10 से 15 दिन बिस्तर पर आराम करने की सलाह दी है।
विज्ञापन
कुछ प्रत्यावेदन आए हैं। मगर किसी की ड्यूटी नहीं काटी गई है। जो मेडिकल लगाएंगे, उनको मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा।
रितु गोयल, डीआईओएस