Firozabad: 150 कारखानों में 30 हजार हाथों को मिलेगा काम, कांच व चूड़ी उद्योग को मिलेगी रफ्तार
इन्वेस्टर्स समिट-2023 में फिरोजाबाद जिले को अच्छा इनवेस्टमेंट मिलने की संभावना है। इससे यहां के कांच व चूड़ी उद्योग को अच्छी गति मिलने की संभावना है।
विस्तार
इन्वेस्टर्स समिट-2023 के तहत फिरोजाबाद जिले के लिए 1500 करोड़ के निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया है। इन्वेस्टर्स समिट के एमओयू पर हस्ताक्षर करने वाली इकाइयों व कांच उद्यमियों को अलग-अलग विभागों से अपरिहार्य एनओसी अथवा सहमति प्रपत्र हासिल करने में आसानी होगी। वहीं नियमित रोजगार का टोटा झेल रहे कांच व चूड़ी कामगारों को भी आजीविका के अवसर मिलेंगे। लगभग 1500 करोड़ रुपये के एमओयू के जरिये स्थापित होने वाली करीब 20 नई इकाइयों व 130 पुरानी इकाइयों में लगभग 30 हजार कामगारों की आवश्यकता होगी।
इन्वेस्टर्स समिट के जरिए अनुबंध से मिलेंगी ये सहूलियतें
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,उद्योग विभाग की एनओसी के अलावा पानी,बिजली जैसे व्यवस्थाओं से जुड़े मामलों में उद्यमियों को विभागों के चक्कर नहीं काटने होंगे। बल्कि शासन स्तर से ही इसकी मॉनीटरिंग की जायेगी। इकाई स्थापना के लिये जरूरी भूमि की उपलब्धता जैसी जटिल समस्याओं के निदान भी होगा। यूपीसीडा अथवा उद्योग विभाग के आस्थान में रिक्त भूखंडों पर एमओयू साइन करने वाले उद्यमियों को वरीयता दी जायेगी। तैयार माल की बिक्री के लिये जहां बाजार सुलभ होंगे। वहीं कांच व चूड़ी श्रमिकों को रोजगार के अवसर सुलभ होंगे। औद्योगिक गतिविधियों के निर्बाध संचालन को जरूरी पूंजी की अनुपलब्धता जैसे मामलों में भी कांच उद्यमियों को सहायता मिलेगी।
जिम्मेदार अधिकारी की बात
इन्वेस्टर्स समिट के जरिये उद्योग जगत को विभागीय स्तर पर लंबित कार्यों के निपटारे को चक्कर नहीं काटने होंगे। सबसे बड़ी है कि इससे कांच,चूडी व हस्तशिल्प सेक्टर में कुशल व अकुशल कामगारों की मांग बढे़गी। औद्योगिक आस्थान में उद्यमियों को भूखंड आवंटन की प्रक्रिया में वरीयता दी जायेगी।
पंकज निर्वाण उपायुक्त उद्योग
उद्यमियों की बात
इन्वेस्टर्स समिट 2023 हर दृष्टिकोण से औद्योगिक हित में है। इससे उद्योग को बढ़ावा देने के लिये जरूरी पूंजी की उपलब्धता आसान होगी। - बिन्नी मित्तल अध्यक्ष द इंडस्ट्रीरियल कॉपरेटिव सोसायटी
निर्यातक व कांच उद्यमी मुकेश बंसल टोनी ने कहा कि इंवेस्टर्स समिट के साथ ही अगर सरकार नेचुरल गैस और वैट शुल्क में भी राहत देने जैसे कदम उठाये। तो फिर अकेले कांच नगरी में निर्धारित लक्ष्य 1500 करोड़ से ज्यादा करीब 3000 करोड़ के एमओयू साइन होने की संभावनाएं हैं।
सीटू उपाध्यक्ष कामरेड नवल सिंह ने कहा कि इंवेस्टर्स समिट से रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीदों का स्वागत है। कांच श्रमिकों को अगर नियमित रोजगार मिले तो इससे बेहतर कुछ भी नहीं।